अब इन छोटे स्टेशनों पर भी मिलेगी चाय-नाश्ते की सुविधाUpdated: Mon, 13 Nov 2017 02:22 PM (IST)

ट्रेन के यात्रियों को अब खाने के लिए चिप्स, आइसक्रीम, चाय-बिस्कुट और सर्दी से राहत पाने गर्मा गरम कॉफी मिल सकेगी।

कोरबा। सरगबुंदिया और मड़वारानी में भी ट्रेन के यात्रियों को अब खाने के लिए चिप्स, आइसक्रीम, चाय-बिस्कुट और सर्दी से राहत पाने गर्मा गरम कॉफी मिल सकेगी। रेलवे ने रेलखंड में शामिल इनकी तरह सभी छोटे स्टेशनों में कैटरिंग सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह पहली बार है, जब रेलवे ने डी व ई-ग्रेड स्टेशन और पैसेंजर हॉल्ट पर फोकस किया है, जिन्हें कैटरिंग स्टॉल की सुविधा से लैस करने की योजना तैयार की जा रही।

इस योजना का लाभ कोरबा रेलखंड के भी पांच ई-ग्रेड पैसेंजर हॉल्ट को मिल सकेगा। रेलवे ने अब छोटे स्टेशनों पर फोकस करते हुए यहां भी सुरक्षा, संरक्षा के साथ बेहतर संसाधन व यात्री सुविधाएं विकसित करने योजना बना रही है। बालपुर से शुरू होने वाले रेलखंड में कोरबा स्टेशन तक कुल पांच छोटे स्टेशन हैं, जहां अब भी कई सुविधाओं को बेहतर करने की जरूरत है।

रेल प्रशासन ने स्टेशनों व ट्रेनों में यात्रियों को गुणवत्तायुक्त खानपान सेवा की सुविधा प्रदान करने की मंशा से यह निर्णय लिया है। इस तरह अब रेल खंड के सभी स्टेशनों में यात्रियों को खानपान की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। नीतियों के निर्धारण की प्रक्रिया फिलहाल जारी है, जिसके पूरा होने के बाद जल्द से जल्द इस दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

रेलवे के अनुसार इसके लिए ऑनलाइन टेंडर जारी किए जाएंगे और इस प्रक्रिया के तहत चुनी गई एजेंसियों को ई-ग्रेड स्टेशनों में भी कैटरिंग स्टॉल शुरू करते हुए नियमित संचालन का जिम्मा सौंपा जाएगा, ताकि यहां के यात्रियों को भी वे सुविधाएं मुहैया कराई जा सकें, जो उनका हक है।

स्थानीय व्यंजन परोसने संस्थाओं को प्रोत्साहन यह भी कहा जा रहा है कि खानपान नीति में इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठाने स्थानीय संस्थाओं को माध्यम बनाया जा सकता है, ताकि वे ट्रेन के यात्रियों को अपने क्षेत्र के लोकप्रिय खाद्य वस्तु परोस सकें। इससे न केवल उनकी आजीविका के बेहतर साधन विकसित होंगे, बल्कि उनके व्यंजनों को प्रसिद्ध व यात्रियों को संतुष्टि मिल सकेगी। रेल यात्रियों को बेहतर से बेहतर खाद्य सामग्री उपनलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलखंड के विभिन्न ई-ग्रेड स्टेशनों में खानपान की सुविधा का समुचित विस्तार किया जाएगा।

खानपान यूनिटों को कार्य आवंटित करने की प्रतिस्पर्धा में शामिल करते हुए उन्हें बढ़ावा देने प्रोत्साहित किया जाएगा। इस तरह प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ट्रेन पकड़ने वाले ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों के लिए भी बेहतर संसाधन विकसित हो सकेंगे।

प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने की भी तैयारी

बालपुर से रेलखंड की सीमा शुरू होती है, जो कोचिंग ट्रेनों के लिए गेवरारोड पर जाकर समाप्त होती है। बालपुर के बाद कोथारीरोड, मड़वारानी, सरगबुंदिया व उरगा स्टेशनों में केवल पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव है, जबकि कोरबा व गेवरारोड में शिवनाथ व छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस भी पहुंचती है। ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों के लिए पैसेंजर ट्रेन पकड़ने की सुविधा प्रदान कर रहे इन ई-ग्रेड रेलवे स्टेशनों में प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है।

इन छोटे स्टेशनों में प्लेटफॉर्म का लेवल नीचा होने के कारण अक्सर लोगों को ट्रेन में चढ़ने मशक्कत करनी पड़ती है और ऐसे में उनके गिरकर चोटिल होने का खतरा रहता है। प्लेटफॉर्म अपग्रेड होने के बाद यात्रियों को ट्रेन पकड़ने सुविधा रहेगी। प्लेटफॉर्म विकसित होने पर अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा।

स्टेशनों की स्थिति

स्टेशन प्रतिदिन यात्री

बालपुर 150 से 200

कोथारी 200 से 250

सरगबुंदिया 150 से 200

मड़वारानी 250 से 300

उरगा 300 से 350

बी-ग्रेड दर्जा प्राप्त कोरबा में भी बढ़ेंगे इंतजाम

इस सुविधा का संचालन खानपान नीति में वर्णित नियमों एवं शर्तों के आधार पर किया जाता है। इस नीति के अधीन स्टेशनों में कार्य कर रही खानपान यूनिटों को अब छोटे स्टेशनों में भी सेवाएं देने प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत बी-ग्रेड का दर्जा प्राप्त कोरबा व रेलखंड के 6 ई-ग्रेड स्टेशनों में भी नए कैटरिंग स्टॉल का प्रावधान किया जाएगा।

ट्रेन व स्टेशनों में स्वादिष्ट, अच्छा, साफसुथरा व सेहत के अनुसार गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में योजना तैयार की जाएगी। इसी मंशा के तहत रेलवे की ओर से खानापान नीति 2017 की परिकल्पना की गई है, जिसे धरातल पर लाने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही ट्रेनों में भी पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त भोजन मिल सके, इस ओर भी कड़े नियम बनाए जा रहे, ताकि शिकायतों पर अंकुश लग सके।

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