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खदान में चोरों का तांडव, सीआईएसएपᆬ की तैनाती नहींUpdated: Fri, 13 Oct 2017 06:46 AM (IST)

कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि गेवरा व दीपका की कोयला खदान में डीजल व कबाड़ चोरी की घटना अब आम बात हो गई है। संगठित गिरोह के निशाने पर खदान है। कोयला चोरी का भी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद है कि एसईसीएल कर्मियों पर हमला कर चोरी की घटना को अंजाम देने से बाज नहीं आते। कहने को तो एसईसीएल

कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

गेवरा व दीपका की कोयला खदान में डीजल व कबाड़ चोरी की घटना अब आम बात हो गई है। संगठित गिरोह के निशाने पर खदान है। कोयला चोरी का भी सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद है कि एसईसीएल कर्मियों पर हमला कर चोरी की घटना को अंजाम देने से बाज नहीं आते। कहने को तो एसईसीएल में सुरक्षा के नाम पर सीआईएसएपᆬ को लगाया गया है, पर जवान बाहर की सुरक्षा सम्हाल रहे। खदान के अंदर की सुरक्षा आज भी विभागीय सुरक्षाकर्मी के कंधों पर है।

एसईसीएल की सबसे बड़ी माइंस गेवरा में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कर्मचाारियों में भय का माहौल व्याप्त है। कर्मचारियों ने यूनियन प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रबंधन के समक्ष कई बार अपनी समस्याएं रखी, पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। बताया जा रहा है कि खदान में कार्य करने वाले कर्मियों को पिछले दो साल से सेफ्टी शू नहीं दिया जा रहा। चप्पल पहन कर कर्मचारी खदान के अंदर कार्य कर रहे हैं। उधर एसईसीएल ने सीआईएसएफ को 7 करोड़ में सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है, पर खदान के अंदर सुरक्षा का कार्य नहीं दिया है। चोर बेधड़क खदान के अंदर घुस कर कर्मचारियों को डरा धमकाकर डीजल की चोरी कर रहे हैं। विरोध करने पर कर्मियों के साथ मारपीट भी जाती है। ऑपरेटर समेत अन्य कर्मियों को डराने-धमकाने तथा बंधक बनाने की लगातार घटना होने से कर्मियों में नाराजगी व्याप्त है। मजबूरीवश भय के वातावरण में कर्मचारियों को कार्य करना पड़ रहा है। सभी ट्रेड यूनियन की संयुक्त सेफ्टी कमेटी में कई बार मुद्दा उठाया गया, पर प्रबंधन ने कभी भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सिर्फ टालमटोल की नीति ही अख्तियार कर कर्तव्य को इतिश्री कर लिया।

डंपर के लिए समुचित मार्ग नहीं

गेवरा खदान में 240 टन क्षमता के डंपर भी चल रहे हैं। इन डंपर की चौड़ाई से तीन गुना रोड की चौड़ाई होनी चाहिए, पर गेवरा में एक भी सड़क डंपर के मुताबिक नहीं है। इससे सिंगल डंपर चलना मुश्किल हो रहा है। सड़क खराब होने की वजह से डंपर के टायर भी खराब हो रहे हैं। डंपर में आगजनी की घटनाएं भी हो रही हैं।

संयुक्त श्रम संगठन ने जताई आपत्ति

गेवरा क्षेत्र के संयुक्त केंद्रीय श्रमिक संगठन एचएमएस के सचिव एससी मंसूरी, एटक के सचिव रविंद्र कुमार सिंह, बीएमएस के सचिव रामनारायण साहू तथा सीटू के सचिव अजय प्रताप सिंह ने कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलने एवं सीआईएसएफ को खदान के अंदर तैनात नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई है। महाप्रबंधक को पत्र लिख कर श्रमिक नेताओं ने कहा है कि कर्मियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही डंपर के लिए पृथक चौड़ा मार्ग बनाया जाए, ताकि दुर्घटना में अंकुश लगाया जा सके। सीआईएसएफ को खदान के अंदर ड्यूटी की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। इससे चोरी की घटनाओं में अंकुश लगेगा और कर्मचारी भयमुक्त होकर कार्य करेंगे।

इन स्थानों पर हो सुरक्षा बल

संयुक्त श्रम संगठन के पदाधिकारियों ने सीआईएसएफ की तैनाती के लिए कुछ स्थान चिन्हित कर प्रबंधन को सौंपा है। इसमें ईस्ट सेक्शन पार्किंग 100 टन डंपर तथा 240 डंपर, कोल स्टॉक, डोजर सेक्शन, खदान के अंदर जहां पर सावेल, ड्रील व डोजर तथा अन्य मशीन है। मेन सबस्टेशन एवं खुसरूडीह, सबस्टेशन 5-6 नंबर, ऑटो सेक्शन व ड्रील शॉप शामिल है। इसके साथ ही एक पेट्रोलिंग बनाई जाए, जो 24 घंटे खदान में पेट्रोलिंग करती रहे।

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