पेंशनर की बढ़ी मुसीबत, 21000 बुजुर्ग दफ्तरों के लगा रहे चक्करUpdated: Tue, 14 Nov 2017 11:24 AM (IST)

ग्रामीण बुजुर्गों को पेंशन के लिए अब भी सरपंच या सचिव के दरवाजे का चक्कर काटना पड़ रहा है।

कोरबा। ग्रामीण बुजुर्गों को पेंशन के लिए अब भी सरपंच या सचिव के दरवाजे का चक्कर काटना पड़ रहा है। समाज कल्याण विभाग से राशि जनपद की बजाय पब्लिक मैनेजमेंट फाइनेंशियल सिस्टम से सीधे बुजुर्गों के खाते में दिया जाना है। विभिन्न पेंशन योजनाओं में जिले के 37 हजार 795 हितग्राही शामिल हैं।

अब तक 16 हजार 742 हितग्राहियों को ही सिस्टम से जोड़ा सका है। 21 हजार 53 हितग्राही अब भी खाते में सीधे भुगतान से वंचित हैं। आधार लिकिंग करने संबंधित जनपद के दायित्व निर्वहन नहीं करने से बुजुर्गों को शासन की योजना का सही लाभ नहीं मिल रहा है।

पेंशन योजना के तहत जिले में अब तक शहरी क्षेत्र के ही बुजुर्गों को ऑनलाइन प्रक्रिया से भुगतान किया जा रहा है। अब यह पीएमएफएस ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू की जा रही है। जिन बुजुर्गों का बैंकों में खाता खुल चुका है, और जिनके खाते को आधार से लिंकिंग किया जा चुका है उन्हें सीधा भुगतान का लाभ मिलेगा।

वृद्धावस्था, विधवा व दिव्यांग पेंशन से जुड़े लोग बेनीफिशरी ट्रांजेक्शन का लाभ ले सकेंगे। सभी बुजुर्गों के खाता खुलने व आधार लिंकिंग के इंतजार में प्रक्रिया में देरी हो रही है। अब तक जिन लोगों का खाता खुलने के बाद आधार लिंकिंग हो गया है, समाज कल्याण विभाग ने उन सभी बुजुर्गो को ऑनलाइन भुगतान से जोड़ दिया है।

आधार लिंकिंग की जिम्मेदारी जनपदों की है। जनपद अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर रहे हैं। बुजुर्गों की राशि अब भी जनपद में भेजी जाती है। जनपद के माध्यम से बैंक भेजा जाता है। इस बीच राशि को दूसरे खाते में ट्रांसपᆬर कर ब्याज राशि का लाभ लिया जाता है।

एक ओर समाज कल्याण से राशि जारी कर देने की बात कही जाती है, वहीं समय पर राशि बुजुर्गों के खाते में नहीं डाली जाती। अब जनपद के माध्यम से उन्हीं बुजुर्गों की राशि जाएगी, जिनका खाता नहीं खुला है अथवा जिनका आधार लिंक नहीं हुआ है।

सुखद सहारा के हितग्राही नहीं शामिल

पेंशन योजना के तहत केंद्र व राज्य शासन से 5 तरह की योजनाएं संचालित हैं। इनमें सुखद सहारा व सामाजिक सुरक्षा पेंशन राज्य शासन की योजना है। शेष वृद्धा, विधवा व दिव्यांग पेंशन योजना केंद्र शासन की है। प्रारंभ में केवल केंद्रीय योजनाओं के हितग्राहियों को ही सीधा भुगतान का लाभ मिल सकेगा।

बैंक नहीं ले रहे खाता खोलने में रूचि

बैंक प्रबंधनों को दूरदराज के गांवों में कियोस्क बैंक संचालित कर खाता खोलने का निर्देश शासन ने दिया है। प्रबंधन की ओर से रूचि नहीं लिए जाने से अब भी लाखों की तादाद में लोग बैंकों में खाता खुलवाने से वंचित हैं। दूरदराज के ग्रामीण मनरेगा, तेंदूपत्ता संग्रहण, छात्रवृत्ति जैसे भुगतान सुविधा से भी वंचित हैं।

कहां कितने पेंशनर

विकासखंड संख्या

पाली 8125

पोड़ी-उपरोड़ा7340

कटघोरा6248

कोरबा8022

करतला7150

नगरीय निकाय के बाद अब जनपद क्षेत्रों के बुजुर्ग पेंशनरों को पब्लिक पᆬाइनेंशिएल मैनेजमेंट सिस्टम से भुगतान किया जा रहा है। पोड़ी-उपरोड़ा, कटघोरा व पाली के हितग्राहियों को शामिल किया जा चुका है। करतला व कोरबा के पेंशनर शेष हैं। आगामी दिसंबर-जनवरी माह तक उक्त विकासखंड को भी सिस्टम से जोड़ लिया जाएगा। - एस मैथ्यू, सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग

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