ग्राहक ध्यान दें, 100 फीसदी खरे हैं दस के सिक्केUpdated: Fri, 14 Apr 2017 08:32 AM (IST)

विमुद्रीकरण के बाद से जहां कैश की मुश्किल लगातार बढ़ती गई, दस रुपए के सिक्कों के असली-नकली होने को लेकर बाजार में हड़कंप मच गया।

कोरबा। विमुद्रीकरण के बाद से जहां कैश की मुश्किल लगातार बढ़ती गई, दस रुपए के सिक्कों के असली-नकली होने को लेकर बाजार में हड़कंप मच गया। कोई कहता कि दस सिक्के बंद होने वाले हैं तो किसी ने नकली होने की संभावना के तहत इसे लेने इंकार कर दिया।

यहां तक छोटे व्यावसायियों और सिटी बस सेवाओं में भी ग्राहकों व सवारियों से दस के सिक्के लेने इंकार किया जाता रहा। इसे लेकर लोगों की भ्रांतियां दूर करने जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किया है। इसमें आरबीआई की गाइडलाइन का हवाला देते हुए दस के सिक्कों को पूरी तरह वैध बताया गया है।

जिला प्रशासन से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि दस रुपए के सभी सिक्के पूरी तरह वैध हैं, जिनका लेन-देन में इस्तेमाल करने कोई भ्रमित न हों। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कहा है कि दस रुपए के सभी सिक्के वैध हैं और यह कोरबा सहित देशभर में चलाए जा रहे हैं। अगर कोई सिक्का लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जा सकता है।

आरबीआई ने कहा है कि अलग-अलग समय पर जारी होने की वजह से सिक्के का डिजाईन अलग है। कलेक्टर पी दयानंद ने लीड बैंक मैनेजर सुरेंद्र शाह से इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने लोगों को किसी भी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की गुजारिश करते हुए एक जागरूक नागरिक बनने कहा है।

दस रुपए के सिक्के के लेनदेन को लेकर लोगों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई है, जिसे जागरूक बनकर ही दूर किया जा सकता है। बावजूद इसके सिक्के चलाने से मना करने वालों के खिलाफ सीधे शिकायत भी की जा सकती है, ताकि ऐसे भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

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