खदानों में कोयले की कमी, नहीं हो सका ई-ऑक्शनUpdated: Sun, 10 Sep 2017 09:38 PM (IST)

कोयले की कमी से उद्योगों तक पर्याप्त कोयला नहीं पहुंच रहा।

कोरबा। कोयले की कमी से उद्योगों तक पर्याप्त कोयला नहीं पहुंच रहा। एशिया के सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा, दीपका में ई-ऑक्शन नहीं हुआ है। इसका कुसमुंडा खदान के रोडसेल में भी असर पड़ा है। बाल्को, एनटीपीसी, विद्युत कंपनी के अलावा रायगढ़ व रायपुर की स्पंज आयरन फैक्ट्रियों में कोयला संकट गहरा गया है। चार फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं, जबकि कई बंदी की कगार पर हैं।

राज्य के उद्योगों को एसईसीएल की खदानों से ई-ऑक्शन व लिंकेज से कोयला आपूर्ति की जाती है। कुसमुंडा, गेवरा व दीपका जैसी बड़ी खदानों में कोयला उत्पादन बारिश से प्रभावित हुआ है। इसका असर कोयला की आपूर्ति पर पड़ा है। पिछले 15 दिन से कुसमुंडा यार्ड में पर्याप्त कोयला नहीं पहुंचा है।

डीओ होल्डरों के अनुसार 1.14 लाख टन कोयला उठाया जाना है, पर दस दिन से उन्हें एक ढेला कोयला भी नहीं मिला। उर, गेवरा व दीपका खदान में कोयला की कमी से एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय ने ई-ऑक्शन ही नहीं किया। पुराने ऑक्शन के आार पर ही रोडसेल में कोयला दे रहे हैं।

इन दोनों खदान से 2 हजार गाड़ियों के स्थान पर लगभग 400 गाड़ी ही बाहर निकल रही है। रोडसेल से कोयला रायगढ़, रायपुर स्थित स्पंज व अन्य लघु उद्योगों को प्रदान किया जाता है। कोयले की कमी से रायगढ़ की सलासार एवं एन स्पंज व रायपुर की सुनील स्पंज बंद हो चुकी हैं। एचटीपीपी में स्टॉक तीन लाख से घट कर एक लाख टन हो गया है।

पंजाब, महाराष्ट्र व गुजरात को भरपूर कोयला

राज्य के उद्योगों को कोयला भले ही कम मिल रहा है, पर रेल से महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात समेत अन्य राज्य के पावर प्लांट व उद्योगों को भरपूर कोयला दिया जा रहा है। प्रतिदिन तीनों खदान से लगभग 35 रैक कोयला निकल रहा है।

इनका कहना है

खदानों से कोयला नहीं मिल रहा है। स्टॉक से मिट्टी मिश्रित कोयला मिलने से उद्योग नहीं ले रहे। ई-ऑक्शन नहीं किया गया है। इससे रोडसेल से होने वाला कोयला परिवहन घट कर 15 फीसदी रह गया है। हालात कब तक सामान्य होंगे, एसईसीएल अफसर नहीं बता रहे।

- दिलीप सिंह, अध्यक्ष, ट्रक एसोसिएशन, दीपका

ई-ऑक्शन नहीं हुआ है। इसकी वजह क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। रहा सवाल कोयला का तो खदान से पर्याप्त कोयला दिया जा रहा है। रोडसेल के ट्रांसपोर्टर कोयला कम मिलने की बात कह रहे, यह समझ से परे है।

- जयगोविंद सिंह, महाप्रबंक, दीपका परियोजना

आवश्यकता के अनुरूप कोयला नहीं मिला रहा। 15 अक्टूबर तक हालात सुरने की संभावना जताई जा रही। वर्तमान में स्टॉक में रखा कोयला का उपयोग किया जा रहा।

- आशीष रंजन, पीआरओ, बाल्को

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