28 निजी स्कूलों में दोबारा होगी 5वीं-8वीं की परीक्षाUpdated: Thu, 16 Mar 2017 04:00 AM (IST)

पांचवी व आठवीं को एच्छिक बोर्ड परीक्षा घोषित करने देर से निर्णय लिया गया है। कई निजी स्कूल में परीक्षा शुरू हो चुकी थी।

कोरबा। पांचवी व आठवीं को एच्छिक बोर्ड परीक्षा घोषित करने देर से निर्णय लिया गया है। कई निजी स्कूल में परीक्षा शुरू हो चुकी थी। परीक्षा को प्री बोर्ड घोषित कर 28 स्कूलों ने शासन से आयोजित परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया है, जबकि 214 स्कूलों ने रूचि नहीं ली। ऐसे में बोर्ड में शामिल होने वाले स्कूल के बच्चों को दोहरी परीक्षा की मार झेलनी पड़ रही है। परीक्षा आयोजन को लेकर देरी से निर्णय लिए जाने का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है।

परीक्षा आयोजन की दोहरी नीति से बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ रहा है। शासन ने कक्षा पांचवी व आठवीं को बोर्ड की तर्ज पर आयोजित करने का निर्णय लिया है। परीक्षा के प्रश्नपत्र बोर्ड से प्रकाशित किया जाएगा। इस आयोजन में सभी सरकारी स्कूलों को शामिल किया गया है।

परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्देश 28 पᆬरवरी को जारी किया गया था, जिसमें 4 मार्च तक प्रति छात्र-छात्रा के लिहाज से 50-50 रुपए पᆬीस ली जानी थी। देर से निर्देश जारी होने के कारण कई स्कूलों ने होम एग्जाम के तौर पर परीक्षा आयोजित करने के लिए प्रश्नपत्र प्रकाशित करा लिया था। ऐसे में अभिभावकों से पिᆬर से शुल्क लेना उन्हें नागवार गुजरा है। परीक्षा आयोजन को लेकर अब संशय की स्थिति देखी जा रही है। जो स्कूल परीक्षा में शामिल नहीं होंगे, वहां से जारी अंक सूची आगे चलकर समस्या का सबब बन सकता है। ऐसे में अभिभावकों में ऊहापोह की स्थिति देखी जा रही है। यही वजह है कि कई स्कूलों ने परीक्षा आयोजन किए जाने के बाद भी परीक्षा में शामिल होने का निर्णय लिया है।

सरकारी स्कूलों की वास्तविकता आएगी सामने

आगामी नवीन शैक्षणिक सत्र से परीक्षा आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। औचक बोर्ड परीक्षा का निर्णय लिए जाने से जिन स्कूलों में पढ़ाई कराने में शिक्षकों ने कोताही बरती है उनकी वास्तविकता सामने आएगी। बोर्ड की ढिलाई देने के कारण स्कूलों में पढ़ाई ढीली हो रही थी।

नए सत्र से स्पष्ट होगा निर्णय

परीक्षा आयोजन को लेकर निर्णय आगामी शैक्षणिक सत्र से स्पष्ट हो सकेगा। अभिभावकों की मानें तो पांचवी आठवीं से बोर्ड परीक्षा नियम हटने से सरकारी व निजी स्कूलो में पढ़ाई कमजोर हो रही थी। नवमीं कक्षा में आने के बाद पढ़ाई में कमजोर छात्र-छात्राएं पढ़ाई छोड़कर शाला त्यागी की श्रेणी में शामिल हो रहे हैं।

पांचवी व आठवीं की परीक्षा बोर्ड नहीं बल्कि एच्छिक है। परीक्षा में 28 निजी स्कूल शामिल हो रहे हैं। जिन स्कूलों ने परीक्षा ले लिया है वह भी मान्य होगा।

- डीके कौशिक, जिला शिक्षा अधिकारी

अटपटी-चटपटी

  1. यहां बारिश में सड़कों पर आ जाती है केकड़ों की बाढ़, जानिए सच

  2. इलाके में स्पीकर पर गूंजी ऐसी आवाजें कि उड़ गई लोगों की नींद

  3. अब फैशन के लिए ही नहीं होंगे टैटू, सिस्टम भी ऑपरेट कर पाएंगे

  4. 10 रुपए के श्रीखंड में निकला बाल, चुकाने होंगे 7 हजार रुपए

  5. बीवी की याद में फूट-फूट कर रोने लगा, करनी पड़ी इमर्जेंसी लैंडिंग

  6. उम्र को नहीं बढ़ने देगी ये गोली, छह माह में इंसानों पर शुरू होगा परीक्षण

  7. अनोखा विरोध : महिलाओं ने वाइन शॉप पर जाकर खरीदी शराब

  8. इन्होंने रखा होटल का ऐसा नाम बोलते हुए भी आएगी शर्म

  9. 44 साल से मैकडोनाल्ड में सर्विस कर रही है 94 साल की महिला

  10. एक सीढ़ी के दम पर चोरी कर लिया 26 करोड़ का सोने का सिक्का

  11. गांव का कुआं सूखा तो चंदा कर बिछा दिए 2 हजार मीटर पाइप

  12. समुद्र किनारे मिली अजीब मछली को देख डर गए लोग, देखने जुटी भीड़

  13. लड़की को भारी पड़ी सेल्फी, पुलिस ने ली घर की तलाशी और किया गिरफ्तार

  14. 12 साल का 'बच्चा' चार साल बड़ी लड़की को गर्भवती कर पिता बना

  15. बीस साल से साथ रह रहे नाग-नागिन ने एक साथ प्राण त्यागे

  16. अंडे में निकला हीरा, शादी करने जा रही महिला ने माना शुभ

  17. फेसबुक चलाने से मना किया तो घर छोड़कर चली गईं बेटियां

  18. बेटे की मौत के बाद सास ने बेटी की तरह बहू को किया विदा

  19. कद केवल 2 फीट लेकिन अरमान आसमां से भी ऊंचे

  20. थल सेना भर्ती के लिए बॉडी बिल्डिंग पड़ सकती है महंगी

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.