हत्या के आरोपी को आजीवन कारावासUpdated: Sun, 03 Aug 2014 12:45 AM (IST)

कांकेर। हत्या के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया है।

कांकेर (ब्यूरो)। हत्या के आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड से भी दंडित किया है।

न्यायालीन सूत्रों के अनुसार कोडेसुर्सी थानाक्षेत्र के ग्राम करकापाल में 20 अगस्त 2013 की रात्रि लगभग एक बजे ग्राम गोंडपाल निवासी सबलूराम उर्फ शैलेश नायक पिता हिरदेराम नायक (26 वर्ष) ग्राम करकापाल ने विदेपारा में लैतूराम शोरी के घर चोरी करने की नीयत से घुसा था। रात्रि में आहट सुनकर कमरे में सो रही मनारी बाई और उसकी दादी नोहरी बाई जाग गईं। चोर को घर में घुसा देखकर मनारी बाई शोर मचाने लगी। इसके चलते सबलूराम ने अपने हाथ में रखे सब्बल से मनारी बाई व नोहरी बाई पर वार कर दिया। इससे दोनों को गंभीर चोट आई। शोर सुनकर मनारी बाई के परिजन कमरे में पहुंचे। परिवार के लोगों को वहां पहुंचा देखकर अभियुक्त भाग खड़ा हुआ। अभियुक्त का उनके घर में पहले से आना जाना था, जिसके चलते उन्होंने उसे पहचान लिया। मामले की रिपोर्ट थाना में दर्ज कराई गई। उक्त घटना के एक माह बाद गंभीर रूप से घायल वृद्घा नोहरी बाई पति कोदूराम की मौत हो गई। पुलिस ने मामला पंजीबद्घ कर प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया।

प्रकरण के विचारण के दौरान प्रत्यक्षदर्शी साक्षियों के साक्ष्य व अपराध की प्रकृति एवं गंभीरता को देखते हुए अपर सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने अभियुक्त सबलूराम उर्फ शैलेश नायक को धारा 302, 460, 326 दोष सिद्घ पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीन सौ रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की राशि का भुगतान नहीं करने की दशा में तीन माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से पैरवी शासकीय अधिवक्ता संदीप श्रीवास्तव ने की।

क्षतिपूर्ति राशि की अनुशंसा

अपर सत्र न्यायाधीश जयदीप गर्ग ने धारा 357-क दंड प्रक्रिया संहिता तथा पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना 2011 के तहत घटना में घायल हुए मनाई बाई को घोर उपहति के लिए राज्य शासन द्वारा 25 हजार रुपए एवं नोहरी बाई की मृत्यु के होने पर प्रार्थी लैतूराम को 50 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति राशि दिलाए जाने की अनुशंसा न्यायालय द्वारा की गई है।

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