बस्तर दशहरे के लिए इस बार 'ठुरलू खोटला' लाएंगे ग्रामीणUpdated: Sat, 15 Jul 2017 12:02 PM (IST)

ग्राम बिलोरी के ग्रामीण परंपरानुसार पाट जात्रा के लिए जंगल से साल लकड़ी लाते हैं।

जगदलपुर। बस्तर दशहरा की औपचारिक रस्में प्रारंभ हो चुकी हैं। इस बार दशहरा की पहली महत्वपूर्ण रस्म पाटजात्रा के लिए पटेलपारा बिलोरी के ग्रामीण टुरलू खोटला ( रथ बनाने की पहली लकड़ी) लाएंगे।

इस संदर्भ में बुधवार को तहसीलदार द्वारा बाकायदा ग्रामीणों को पत्र जारी किया गया है। 22 जुलाई के पहले पटेलपारा के ग्रामीण पूजा के लिए यह लकड़ी जगदलपुर लाएंगे। बस्तर दशहरा की रस्में तिथि अनुसार कई दिनों में पूरी होती हैं, इसलिए इसे 75 दिनों तक चलने वाला उत्सव कहा जाता है।

इसकी पहली रस्म हरियाली अमावस्या पर 23 जुलाई को पाट जात्रा के रूप में संपन्न् होगी, इसलिए बस्तर दशहरा समिति भी औपचारिक रस्में पूरी करने लगा है। ग्राम बिलोरी के ग्रामीण परंपरानुसार पाट जात्रा के लिए जंगल से साल लकड़ी लाते हैं। पिछले साल कांदुलगुड़ा के ग्रामीण साल काष्ठ दंतेश्वरी मंदिर पहुंचाए थे।

इस बार यह जवाबदारी पटेलपारा के ग्रामीणों को सौंपी गई है। बुधवार को तहसील कार्यालय द्वारा पटेलपारा के ग्रामीणों के लिए पत्र जारी किया गया । इस पत्र को लेकर बिलोरी हल्का के पटवारी भुवन पाण्डे बाकायदा पटेलपारा पहुंचे और कोटवार की उपस्थिति में पटेल को पत्र सौंपा गया। बताया गया कि 23 जुलाई को सुबह 11 बजे दंतेश्वरी मंदिर के सामने पाटजात्रा संपन्ना होगी।

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