भादों में बस्तर के तालाब कभी छलकते थे, आज आधे भी नहीं भरेUpdated: Sat, 12 Aug 2017 01:21 AM (IST)

कांकेर के पखांजूर में परलकोट जलाशय 22 और चरामा स्थित मयाना बांध 20 फीसदी ही भर पाया है।

जगदलपुर। औसत से अच्छी बारिश के लिए प्रसिद्घ रहे बस्तर में जहां एक समय सावन-भादों में ही निस्तारी और सिंचाई तालाब पानी से लबालब होकर छलकने लगते थे वहीं इस वर्ष सावन मास बीतने के बाद भी जलाशयों में जलसंकट की स्थिति बनी हुई है।

बड़े जलाशय ही नहीं लघु सिंचाई जलाशयों की स्थिति भी जलभराव के मामले में संकटग्रस्त है। अब 14 अगस्त को कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में जलाशयों में जलसंकट की स्थिति पर अधिकारी माथापच्ची करने वाले हैं कि यदि आगे भी जलाशयों में पानी की कमी इसी तरह बनी रहती है तो कैसे चालू खरीफ और आने वाले रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा।

बस्तर संभाग में पिछले साल के रिकार्ड को देखे तो पता चलता है कि अगस्त मध्य तक तीनों मध्यम सिंचाई परियोजना के बांध कोसारटेडा, परलकोट और मयाना सौ फीसदी भर चुके थे। लघु जलाशयों में भी 80 फीसदी जलाशयों में क्षमता के अनुरूप पानी का भराव हुआ था।

इस वर्ष अभी तक स्थिति गत वर्ष की तुलना में बिल्कुल उलट है। संभाग का सबसे बड़ा सिंचाई जलाशय बस्तर ब्लाक स्थित कोसारटेडा आधा से कुछ ही अधिक भरा है। कांकेर के पखांजूर में परलकोट जलाशय 22 और चरामा स्थित मयाना बांध 20 फीसदी ही भर पाया है।

11 अगस्त की स्थिति में मध्यम सिंचाई परियोजना के बांधों में औसत 41 फीसदी और 194 लघु सिंचाई जलाशयों में औसत 42 फीसदी पानी का ही भराव हुआ है। जलाशयों की ऐसी स्थिति ही बनी रही तो आगामी रबी सीजन में फसलों की सिंचाई के लिए जलसंकट का सामना करना तय है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की माने तो पिछले एक दशक में ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई।

जिलेवार लघु सिंचाई जलाशयों में जलभराव की स्थिति

कांकेर जिला

कुल जलाशय- 74

क्षमता जलभराव- 49.906 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 11.210 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 22.46

बस्तर जिला

कुल जलाशय- 32

क्षमता जलभराव- 20.858 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 12.810 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 61.41

नारायणपुर जिला

कुल जलाशय- 08

क्षमता जलभराव- 7.114 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 2.187 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 30.74

दंतेवाड़ा जिला

कुल जलाशय- 12

क्षमता जलभराव- 5.416 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 4.212 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 77.76

बीजापुर जिला

कुल जलाशय- 24

क्षमता जलभराव- 11.717 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 2.190 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 18.78

कोंडागांव जिला

कुल जलाशय- 30

क्षमता जलभराव- 16.933 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 10.441 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 61.66

सुकमा जिला

कुल जलाशय- 17

क्षमता जलभराव- 10.241 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 9.700

प्रतिशत में- 94.71

संभाग में मध्यम परियोजनाओं की स्थिति

1- परलकोट जलाशय (कांकेर)

क्षमता जलभराव- 63.55 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 14.08 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 22.14

2- मयाना (कांकेर)

क्षमता जलभराव- 5.60 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 1.13 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 20.20

3- कोसारटेडा (बस्तर)

क्षमता जलभराव- 63.69 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 39.35 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 61.81

बाक्स

संभाग के जलाशयों की औसत स्थिति

जलाशयों की कुल संख्या- 200

क्षमता जलभराव - 255.025 मिलियन घनमीटर

वर्तमान में जलभराव- 107.305 मिलियन घनमीटर

प्रतिशत में- 42.07

'गत वर्ष की तुलना में संभाग के सिंचाई जलाशयों में जलभराव कम हुआ है। इस मामले में कुछ जिलों में स्थिति काफी ज्यादा खराब है। संभागीय जल उपयोगिता समिति की बैठक में इस पर चर्चा होगी।' - पीके वर्मा, अधीक्षण यंत्री इंद्रावती परियोजना मंडल।

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