46 साल बाद अपनी पाठशाला पहुंचे बिलासपुर कमिश्नर तो ये हुआ हालUpdated: Tue, 14 Nov 2017 07:47 AM (IST)

जहां उन्होंने 6वीं से लेकर 11वीं तक अध्ययन किया था। यहां श्री महावर उस कक्ष की टेबल पर भी बैठे, जहां वे 9वीं की पढ़ाई की करते थे।

जगदलपुर। वर्तमान में पदस्थ बिलासपुर कमिश्नर त्रिलोकचंद्र महावर सोमवार को शहर की 125 वर्ष पुरानी सदर स्कूल पहुंचे और उस कक्षा को देखे, जहां उन्होंने पहली कक्षा की पढ़ाई की थी। बचपन के दिनों को याद कर वे भावुक हो उठे। वे बस्तर हाईस्कूल भी गए और विद्यार्थियों से चर्चा की।

त्रिलोक महावर का जन्म बस्तर में हुआ था और उन्होने सदर स्कूल और बस्तर हाई स्कूल में पढ़ाई की है। उनके साथ कलेक्टर धनंजय देवांगन भी मौजूद थे। 1893 में स्थापित सदर स्कूल की पहली से पांचवीं तक सभी कक्षाओं में पहुंचकर महावर ने अपने छात्र जीवन और अपने अध्यापकों का स्मरण किया।

उन्होंने यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों और अध्यापकों से भी मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों से इस विद्यालय के गौरवशाली इतिहास की चर्चा करते हुए बताया कि कई विख्यात हस्तियों ने इस विद्यालय में अध्ययन किया है। उन्होने इस विद्यालय को बस्तर का ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए इसके जीर्णोद्घार एवं सौन्दर्यीकरण के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए।

तत्पश्चात वे बस्तर हाईस्कूल भी गए । जहां उन्होंने 6वीं से लेकर 11वीं तक अध्ययन किया था। यहां श्री महावर उस कक्ष की टेबल पर भी बैठे, जहां वे 9वीं की पढ़ाई की करते थे। यहां उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित भी किया।

बच्चों को ऊंचा लक्ष्य रखने की अपील करते हुए उन्होने कहा कि असफलता कोई अपराध नहीं है, बल्कि लक्ष्य छोटा रखना अपराध है। छोटा लक्ष्य रखने वाला कोई भी व्यक्ति बड़ी मंजिलें नहीं पा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से 1926 में निर्मित इस विद्यालय के गौरवपूर्ण ऐतिहासिक परंपरा को बनाए रखने की अपील की।

इस अवसर पर उन्होंने शिक्षक भानुशंकर वाजपेयी, बीआर नायडू, बीएल ओझा, आरबी शुक्ला, एसके शुक्ला, केएल शुक्ला,बीएल दुबे, एसएन रथ, सदर स्कूल के प्रधान पाठक सादिक खान,गणेश्वर आचार्य, सुधा चौधरी, एनआर मरकाम को याद किया।

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.