रक्तदान कर 36 जिंदगियां बचा चुके हैं छत्तीसगढ़ के बीलभद्र यादवUpdated: Tue, 14 Feb 2017 12:19 AM (IST)

करीब चार साल पहले शुरू हुआ यह प्रयास अब दिन ब दिन समय के अनुसार जनसेवा के कार्यों में तब्दील होता जा रहा है।

देवभोग (छत्तीसगढ़)। एक गरीब बच्ची को समय पर खून नहीं मिल पा रहा था। बीलभद्र के रक्तदान करने से उसकी जान बच गई। इस प्रयास के बाद बीलभद्र यादव ने जिंदगी भर अपना जीवन जनसेवा में ही बिताने का निर्णय ले लिया। ये कहानी देवभोग निवासी बीलभद्र यादव की है। यादव अब तक 36 लोगों को खून दे चुके हैं।

वहीं उनके प्रयासों से 36 जिंदगियां भी बची हैं। करीब चार साल पहले शुरू हुआ यह प्रयास अब दिन ब दिन समय के अनुसार जनसेवा के कार्यों में तब्दील होता जा रहा है। बीलभद्र दूसरे राज्य ओडिशा जाकर भी जरूरतमंद को निःशुल्क रक्तदान करते हैं। यादव बताते हैं कि उनके प्रयास से किसी की जिन्दगी बचे, उनके लिए यही उनके जिन्दगी की सबसे बड़ी सफलता है।

कहीं भी जाकर देते हैं रक्तदान

बीलभद्र यादव पिछले चार साल से रक्तदान करते आए हैं। उन्हें सिर्फ यदि कहीं से खबर मिल जाती है कि किसी को रक्त की जरूरत है। वे तुरंत बिना कुछ सोचे पहले जरूरतमंद से संपर्क साधते हैं। इसके बाद अपनी दोपहिया लेकर निकल जाते हैं।

पिछले दिनों उन्होंने दोपहिया से करीब 300 किलोमीटर का सफर तय किया था और वे ओडिशा के अस्पताल बलांगीर गए थे। जहां उन्होंने रक्तदान किया। रक्तदान करने के बाद वे अपने ही खर्च से वापस लौटे थे। वहीं बीलभद्र यादव के इस समर्पित भावना की चर्चा पूरे क्षेत्र के लोगों के साथ ओडिशा के लोग भी करते नहीं थकते हैं।

ब्लड बैंक नहीं, तो शादी नहीं

बीलभद्र यादव ने एक जिद सी ठान ली है कि जब तक देवभोग में ब्लड बैंक की स्थापना नहीं हो जाती, तब तक वे शादी नहीं करेंगे। बीलभद्र के मुताबिक देवभोग में ब्लड बैंक की स्थापना की जानी चाहिए। जिले में स्वच्छता अभियान के रूप में काम कर रहे बीलभद्र अपने कार्यों के चलते स्वच्छता नवरत्न के रूप में भी जाने जाते हैं। बीलभद्र सोचते हैं कि उन्होंने निर्णय लिया है कि जिंदगी भर वे हमेशा लोगों की जिन्दगी बचाने के लिए रक्तदान करते रहेंगे। यादव के मुताबिक हर व्यक्ति को बढ़-चढ़कर रक्तदान करना चाहिए।

सुकून मिलता है : बीलभद्र

बीलभद्र ने कहा कि सबसे पहले तो रक्तदान महादान है। लोगों को यह दान बढ़-चढ़कर आगे आकर करना चाहिए। वहीं मैं रक्तदान करता हूं, तो मुझे लगता है कि मेरी जिन्दगी किसी के काम आ पाई। रक्तदान करने के बाद मुझे बहुत सुकून मिलता है।

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