स्कूल का अनूठा दिन : प्लेट, टिन, डिब्बा को वाद्ययंत्र बनाकर बजाई भांगड़े की धुनUpdated: Mon, 13 Nov 2017 07:11 AM (IST)

नगर निगम माध्यमिक शाला जोधापुर वार्ड में अर्धवार्षिक परीक्षा समाप्त होने के बाद शनिवार 11 नवंबर को अनोखा संगीत गूंजता रहा।

धमतरी। नगर निगम माध्यमिक शाला जोधापुर वार्ड में अर्द्धवार्षिक परीक्षा समाप्त होने के बाद शनिवार 11 नवंबर को अनोखा संगीत गूंजता रहा। एचएम की उपस्थिति में बच्चों ने प्लेट, टिन, अनुपयोगी डिब्बों को वाद्य यंत्र की तरह बजाया। भांगड़ा समेत कई धुनें बजाई।

इस स्कूल में ज्यादातर गरीब और अभावग्रस्त बच्चे पढ़ते हैं फिर भी उनके अंदर संगीत सीखने का जुनून है। बच्चों का ताल देखकर कोई भी दंग रह जाएगा। अनुपयोगी डिब्बों को बच्चे तबला और ड्रम की तरह बजाते हैं।

शनिवार को परीक्षा समाप्ति के बाद स्कूल के बच्चों ने काफी देर तक प्लेट, टीन और अनुपयोगी डिब्बों को वाद्ययंत्र की तरह बजाकर आनंद उठाया। मिथलेश साहू, धरमपाल साहू, कृष्णकांत साहू भांगड़ा समेत कई तरह की धुनों को ताल से ताल मिलाकर बजाया। इस स्कूल के हेड मास्टर मदन मोहन दास स्वयं संगीत शिक्षक हैं। उन्होंने खैरागढ़ संगीत महाविद्यालय से एमए तबला की डिग्री ली है। इसलिए संगीत के लिए बच्चों को प्रेरित करते हैं। बच्चों ने खुद ही प्रैक्टिस कर डिब्बों को बजाकर ताल मिलाना सीखा है। उनकी इस कला को देखकर मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों न परीक्षा के बाद तनाव दूर कर खुशनुमा माहौल बनाने इन्हें अनुपयोगी चीजों को बजाने का मौका दिया जाए।

उन्होंने बताया कि इस स्कूल में ज्यादातर गरीब तबके के परिवार के बच्चे पढ़ते हैं लेकिन बच्चों में संगीत के प्रति गजब का रुझान है। शनिवार को ताल से ताल मिलाकर बच्चों ने एक से बढ़कर एक धुन बजाई। जिसे देखकर कोई भी दंग रह जाएगा। भांगड़ा की धुन भी अच्छे ढंग से बजाई। दास ने कहा कि आने वाले समय में इन बच्चों का लाइव शो भी करवाने की कोशिश करूंगा। बच्चे संगीत के क्षेत्र में करियर भी बना सकते हैं। अगर भविष्य में शासन-प्रशासन का ध्यान संगीत की ओर जाता है और स्कूलों में संगीत को अनिवार्य कर दिया जाता है तो इस तरह के बच्चों को लाभ मिलेगा।

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