काम से निकाले कर्मचारियों ने मांगी इच्छा मृत्युUpdated: Tue, 12 Sep 2017 03:50 AM (IST)

आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों में कार्यरत भृत्यों को काम से निकाल दिया गया। सालों से ये कर्मचारी बेरोजगार है।

धमतरी। आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों में कार्यरत भृत्यों को काम से निकाल दिया गया। सालों से ये कर्मचारी बेरोजगार है। प्रभारी मंत्री व कलेक्टर से फरियाद करने के बाद भी उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखा जा रहा है। आक्रोशित कर्मचारियों की भीड़ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इच्छा मृत्यु की मांग की है।

आदिम जाति कल्याण विभाग के स्कूलों में सालों काम करने के बाद निकाले गए कर्मचारी तोरण लाल, इंदरमन, गुलाब, चंद्रभान, भानेन्द्र, जगेश्वर, विकास, दल्दल्लीचंद, उदय सिंह, सियाराम, राजेन्द्र भास्कर, थनेश्वर कुमार, योगेन्द्र कुमार और मानक डहरे सोमवार को चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र राजपूत की अगुवाई में कलेक्टोरेट पहुंचे।

कलेक्टर सीआर प्रसन्ना को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों ने बताया कि आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित धमतरी जिले के स्कूलों का शिक्षा विभाग में सन 2013 में संविलियन हो गया था। जिसके बाद उन स्कूलों में कार्यरत 90 भृत्य को निकाल दिया गया। लेकिन सन 2016 में सहायक आयुक्त धमतरी के मार्फत एक आदेश कलेक्टर ने जारी किया कि इन कर्मचारियों को पद के हिसाब से फिर से रखा जाए।

लेकिन अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। सभी कर्मचारियों ने काम पर रखने जिले की प्रभारी मंत्री रमशीला साहू और कलेक्टर से कई बार गुहार लगाई हैं। लेकिन मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे परेशान कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से काम पर रखने या फिर इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है।

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