नक्सल मुठभेड़ : शहीद के परिजनों को मिलेगी पुलिस में नौकरीUpdated: Sun, 19 Mar 2017 06:32 PM (IST)

शनिवार की शाम बर्रेम-डोरेरास मुठभेड़ में शहीद जवानों को रविवार की सुबह कारली पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई।

दंतेवाड़ा। शनिवार की शाम बर्रेम-डोरेरास मुठभेड़ में शहीद जवानों को रविवार की सुबह कारली पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद शहीद निर्मल नेताम का शव गृहग्राम धमतरी और गोपनीय सैनिक सुखराम गावड़े को ग्राम घोटपाल (दंतेवाड़ा) भेजा गया।

इस मौके पर विधायक देवती कर्मा, आईजी पी. सुंदरराज, एसपी कमलोचन कश्यप, एएसपी डॉ. अभिषेक पल्लव, जीएन बघेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और आम जनता मौजूद थे।

इस मौके पर आईजी पी. सुंदरराज ने मीडिया से कहा कि जवानों के परिजनों ने भी पुलिस में सेवा देने की बात कही है। उन्होंने बताया कि शहीद जवान की पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी वहीं गोपनीय सैनिक के परिजनों के लिए भी नियमों में शिथिलता लाते विभाग में नौकरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मारी गई महिला नक्सलियों में पालो पर आठ लाख, बिज्जे पर पांच लाख और अन्य नक्सलियों पर भी एक-एक लाख रुपए का इनाम घोषित था।

गावड़े की पत्नी गीता गावड़े को आरक्षक पद पर नियुक्ति

शहीद गोपनीय सैनिक सुखराम गावड़े की परिजनों से आईजी पी. सुंदरराज ने मुलाकात की और पत्नी को पुलिस में नौकरी देने की बात कही है। पुलिस से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि आईजी सुखराम गावड़े की पत्नी गीता गावड़े को आरक्षक पद पर नियुक्ति दी है।

परिजनों ने भी आईजी को आश्वस्त किया है कि वे आगे भी पुलिस में सेवाएं देते रहेंगे। आईजी ने शहीद निर्मल नेताम के परिजन को भी अनुकंपा नियुक्ति देने की बात कही है। साथ आईजी ने कहा कि मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारी-जवानों में बहादुरी के साथ मोर्चा संभाला और पांच नक्सलियों को मार गिराया है। उन्हें इस बहादुरी के लिए क्रम से पूर्व पदोन्नति के साथ उचित पुरस्कार दिया जाएगा।

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