ग्लोबल इंटरप्रेन्योर समिट में शामिल होंगे देशी-विदेशी हस्तियांUpdated: Sat, 11 Nov 2017 03:50 AM (IST)

अतिथियों को आदिवासियों के व्यंजन परोसे जाएंगे जिसमें मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, भाजी के साथ शकरकंद शामिल होगा।

दंतेवाड़ा। वैश्विक आदिवासी उद्यमिता सम्मेलन में पहुंचने वाले देशी-विदेशी बस्तरिया व्यंजन का लुत्फ घास की चटाई में बैठकर उठाएंगे। इतना ही नहीं जाते वक्त यहां से महुआ लड्डू व बांस की टोकरी साथ ले जाएंगे। अतिथियों को उपहार में टेराकोटा, बेलमेटल शिल्प सामग्रियों के साथ बस्तरिया गमछा, शहद, चिरौंजी भी दिया जाएगा। 14 नवंबर को नीति आयोग के सदस्यों सहित विदेशी अतिथि यहां आ रहे हैं। इनकी खातिरदारी स्थानीय प्रशासन बस्तरिया अंदाज में करेगा।

ग्लोबल इंटरप्रेन्योर समिट का आयोजन 14 नवंबर को जिले में होगा। समिट में देश के 150 से अधिक सफल उद्यमियों के अलावा पांच विदेशी भी शामिल होंगे। नाइजीरिया से दो तथा अफगानिस्तान, बांग्लादेश और यूएसए से एक-एक वैज्ञानिक शामिल होंगे।

जावंगा एजुकेशन सिटी में होने वाले इस सम्मेलन की तैयारी में जिला प्रशासन जुटा है। इसमें खास बात है कि देशी-विदेशी अतिथियों का व्याख्यान सुनने के साथ उनके स्वागत-सत्कार का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। व्याख्यान के बाद देशी-विदेशी मेहमानों का लंच देशी स्टाइल में होगा।

अतिथियों को आदिवासियों के व्यंजन परोसे जाएंगे जिसमें मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, भाजी के साथ शकरकंद शामिल होगा। उनकी विदाई के दौरान बस्तरिया स्टाइल में भेंट दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक 30 स्टाल में दंतेवाड़ा सहित देश के अन्य आदिवासी क्षेत्रों के लोकल प्रोडक्ट का प्रदर्शन किया जाएगा।

ढोलकल और बारसूर में रात्रि विश्राम

वैश्विक सम्मेलन में शामिल होने वाले कुछ सदस्यों का रात्रि विश्राम जिले में होगा। वहीं बस्तरिया संस्कृति और जिंदगी को समझने कुछ अतिथियों का रात्रि विश्राम बारसूर और ढोलकल पहा़ड़ी के नीचे होगा। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर इस निर्णय पर अंतिम सहमति नहीं बनी है। विशिष्ट अतिथियों को वहां नहीं ले जाया जाएगा। प्रशासन ने अतिथियों के ठहरने की व्यवस्था जिला मुख्यालय के ट्रांजिट हॉस्टल और एजुकेशन सिटी में की है।

वीडियो कांफ्रेसिंग से संबोधन

समिट के लिए अब तक देशी-विदेशी 150 हस्तियों का पंजीयन हो चुका है। नीति आयोग के सदस्य अमिताभ कांत सहित कुछ अन्य लोग वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए संबोधन देंगे। इसके लिए नेटवर्क उपलब्ध कराने रियालंस जियो से प्रशासन ने सहमति मांगी है ताकि मौजूद लोगों के साथ उनका सीधा संवाद हो सके।

सम्मेलन के प्रमुख वक्ता

सम्मेलन में हरित क्रांति के अगुवा तथा राष्ट्रीय कृषि आयोग के चेयरमेन डॉ एमएस स्वामीनाथन आएंगे। टेंजिंग बोडोसा असम भी पहुंचेंगे जिन्होंने अपने खेत को दुनिया का पहला हाथी फ्रेंडली खेत बनाया है।

उन्होंने 12 हजार आदिवासी किसानों को भी आर्गेनिक टी की खेती के लिए आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। सम्मेलन में अमेरिका के स्टीफन जॉनसन भी आएंगे जो केरल में आदिवासी किसानों के लिए काम कर रहे हैं। महिलाओं के उत्थान और उद्यमिता के क्षेत्र में काम करने वाली झारखंड की रश्मि तिवारी और तमिलनाडु में आदिवासियों के साथ 20 सालों से काम कर रहे मैथ्यू जॉन भी शिरकत करेंगे।

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