बस्तर में शांति के लिए अब गायत्री परिवार ने भी बढ़ाया हाथUpdated: Fri, 19 May 2017 01:14 AM (IST)

अशांत हो चुके बस्तर में शांति के लिए आध्यात्मिक, सामाजिक और भौतिक प्रगति करने में गायत्री परिवार विशेष योगदान देगा।

दंतेवाड़ा। अशांत हो चुके बस्तर में शांति के लिए आध्यात्मिक, सामाजिक और भौतिक प्रगति करने में गायत्री परिवार विशेष योगदान देगा। अभा गायत्री परिवार इसके लिए बस्तर में दंडकारण्य परियोजना के नाम से कार्य करेगा। इसके माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ ही क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए अध्ययन भी किया जाएगा।

यह जानकारी शुक्रवार को हरिद्वार से आए केंद्रीय प्रतिनिधि गंगाधर चौधरी ने दी। उनके साथ राज्य के जोन समन्वयक दिलीप पानीग्राही, युवा प्रकोष्ठ प्रभारी ओमप्रकाश राठौर, प्रेरक महाप्राण पुरोहित मौजूद थे। स्थानीय गायत्री मंदिर परिवार के अन्य सदस्यों को भी यह जानकारी दी गई।

केंद्रीय प्रतिनिधि चौधरी के अनुसार दंडकारण्य परियोजना के तहत क्षेत्र के लोगों को आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से प्रगति करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही बस्तर में व्याप्त समस्याओं के समाधान की वजह ढूंढने अध्ययन भी किया जाएगा।

इसके अलावा गायत्री परिवार को संगठित करने के साथ युग निर्माण का संदेश प्रत्येक गांव और घर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि दंडकारण्य परियोजना का संभागीय मुख्यालय फरसगांव के मसोरा गांव में होगा जबकि दंतेवाड़ा जिले का मुख्यालय ग्राम बिंजाम में बनाया जाएगा।

इसके लिए मुख्य प्रबंध ट्रस्टी दशरूराम बघेल ने पांच एकड़ जमीन भी दान में दी है जहां विभिन्न संस्कारों के साथ गौ संवर्धन, गौमूत्र व गोबर से जैविक खाद तैयार करना, दोना-पत्तल निर्माण आदि कार्य होंगे।

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