एक दशक से आतंक मचाने वाले सहित चार नक्सली गिरफ्तारUpdated: Mon, 03 Jul 2017 08:53 PM (IST)

दस साल से आतंक का पर्याय बने प्लाटून सदस्य सहित चार नक्सलियों को गिरफ्तार करने में पुलिस सफल रही है।

दंतेवाड़ा। जिले के बारसूर और कुआकोंडा ब्लॉक में दस साल से आतंक का पर्याय बने प्लाटून सदस्य सहित चार नक्सलियों को गिरफ्तार करने में पुलिस सफल रही है। उनके खिलाफ बारसूर, कुआकोंडा, किरंदुल, बचेली थाने में दर्जनों अपराध दर्ज हैं। गिरफ्तार नक्सली पुलिस पार्टी पर फायरिंग सहित पुलिस वाहन को उड़ाने में भी शामिल थे। गिरफ्तार दो नक्सलियों पर चार लाख रुपए का इनाम घोषित था।

सोमवार को एसपी कार्यालय में पत्रवार्ता कर मीडिया के समक्ष नक्सलियों को पेश किया गया। इनमें ओयामी लखमा उर्फ बंगल उर्फ कोसा पिता देवा (28) फुलपाड़ कोलियापारा निवासी है। उसे गादीरास थाना क्षेत्र के कोर्रा जंगल से गिरफ्तार किया गया। लखमा मलांगिर एरिया कमेटी में सक्रिय रहकर पिछले दस साल से कई अपराधों को अंजाम देने में शामिल था।

पुलिस के मुताबिक लखमा और उसके साथी 26 जून 2011 में एस्सार कंपनी के पीछे पुलिस वाहन को ब्लास्ट कर उड़ा दिया था। साथ ही, अंधाधुंध फायरिंग की थी। इसमें किरंदुल थाना प्रभारी सहित तीन जवान शहीद हो गए थे। इसी तरह 13 जून 2012 को किरंदुल में सीआईएसएफ के वाहन में फायरिंग कर छह जवान और एक नागरिक की हत्या तथा हथियार लूटने का आरोप है।

लखमा ने अपने साथियों के साथ 11 नवंबर 2013 में ग्राम छोटे बेडमा से लौट रहे मतदान दल पर हमला कर एक जवान की हत्या व हथियार-मतदान पेटी लूट लिया था। ग्राम छोटे बेड़मा में ही 25 नवंबर 2013 को ग्रामीण सुक्का पोडियामी की हत्या, 13 अप्रैल 2015 को मदाड़ी के पास चोलनार कैंप के एंटी लैंडमाइन व्हीकल को ब्लास्ट से उड़ाने, फायरिंग करने का भी अपराध दर्ज है।

गिरफ्तार नक्सली 5 जून 2015 को पालनार बाजार में गीदम के व्यापारी मनोज सोनी को हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद इसी बाजार में 4 सितबर को सीआरपीएफ के सहायक कमांडेट बीके मलिक को बंडा मारकर घायल किया और पिस्टल लूट लिया था। 6 दिसंबर 2016 को कोंडापारा-कोंडासावली में निर्माणाधीन सड़क पर ब्लास्ट और जवानों पर फायरिंग की थी।

इसमें सीआरपीएफ का एक जवान शहीद और एक घायल हो गया था। लखमा ने बताया कि इस साल 15 अप्रैल और 11 मई को चोलनार सड़क सुरक्षा में लगे जवानों को मारने और हथियार लूटने के लिए बम लगाने और फायरिंग में भी वह शामिल था। उस पर कई अपराध किरंदुल, अरनपुर और कुआकोंडा थाने में दर्ज हैं।

उसके खिलाफ दो स्थाई वारंट भी जारी हैं। इधर सीआरपीएफ और बारसूर पुलिस ने माड़ डिवीजन में सक्रिय प्लाटून नंबर 16 के सदस्य केशाराम पिता मुर्राराम अलामी (22)को भी गिरफ्तार किया है। हितावाड़ा पटेलपारा निवासी केशाराम प्लाटून 16 के कमांडर मलेश के लिए काम कर रहा था।

कमांडर के कहने से वह गांव में मीटिंग कराने, नक्सलियों के लिए राशन, भोजन, चंदा वसूलना और संदेश पहुंचाने का काम तथा फोर्स पर नजर रखता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों नक्सलियों पर कुल चार लाख रुपए का इनाम घोषित था। पत्रवार्ता के दौरान एसपी कमलोचन कश्यप, एएसपी गोरखनाथ बघेल तथा कुआकोंडा, बारसूर थानेदार व सीआरपीएफ अधिकारी मौजूद थे।

संतरी का काम करते थे

कुआकोंडा पुलिस और सीआरपीएफ बड़ेगुडरा की टीम ने टेटम-एटेपाल के जंगल से दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। स्कूल पारा बड़ेगुडरा निवासी बेला पिता कोसा कवासी (50) और बेला करटामी पिता गडरू (30) को घेराबंदी कर पकड़ा। पुलिस को इन दोनों ने बताया कि नक्सलियों ने उन्हें संतरी की ड्यूटी दी थी।

इससे पहले 26 अगस्त 2014 को टेटम-एटेपाल के बीच ब्लास्ट और पुलिस पार्टी पर फायरिंग मंे वे शामिल थे। फिलहाल इनका काम नक्सली बैठक के लिए ग्रामीणों को बुलाना, राशन, भोजन की व्यवस्था करना और गांव के आसपास पुलिस की मौजूदगी की रिपोर्ट लीडरों तक पहुंचाने का था।

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