आयुर्वेदिक अस्पताल में तीन साल में एक भी मरीज भर्ती नहींUpdated: Fri, 14 Jul 2017 01:21 AM (IST)

10 बिस्तर क्लीनिक में तीन साल से एक भी मरीज को भर्ती नहीं कराया गया।

दंतेवाड़ा। आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने केंद्र और राज्य सरकार जुटे हैं लेकिन जिला मुख्यालय में स्थापित आयुष पॉलीक्लीनिक में न तो पर्याप्त डॉक्टर हैं और न ही उपकरणों की हालत ठीक है। 10 बिस्तर क्लीनिक में तीन साल से एक भी मरीज को भर्ती नहीं कराया गया। आने वाले मरीजों को आउटडोर क्लीनिक की तरह मामूली दवा और सलाह देकर भेज दिया जाता है। पंचकर्म के लिए भी प्रशिक्षित डॉक्टर और स्टॉफ की कमी है।

आयुर्वेद चिकित्सा पद्घति में लोगों को उपचार देने जिला मुख्यालय में आयुष पॉलीक्लीनिक की स्थापना 15 अगस्त 2014 को की गई थी। दस बिस्तर वाले क्लीनिक में पंचकर्म के उपकरणों के साथ डॉक्टर और स्टॉफ का पूरा सेटअप तैयार है लेकिन क्लीनिक में उपचार की केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।

क्लीनिक सूत्रों के अनुसार यहां पिछले तीन साल में एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया। आने वालों को डॉक्टर केवल सलाह और कुछ दवाईयां देकर विदा करते हैं। जानकारों का कहना है कि पॉलीक्लीनिक भी एक तरह का मिनी इनडोर हॉस्पिटल है इसलिए पूरे उपकरण और स्टॉफ का सेटअप स्वीकृत है पर आज दिवस तक पूरे स्टॉफ मिले हैं और न ही डॉक्टर।

वर्तमान में यहां एक आयुर्वेदिक और एक होम्योपैथी चिकित्साधिकारी के साथ नर्सिंग सिस्टर, वार्डब्वाय, रसोइया, किचन सर्वेंट, चौकीदार, स्वीपर ही पदस्थ हैं जबकि पंचकर्म के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक के साथ मसाजर, फार्मासिस्ट और स्टॉफ नर्स की जरूरत होती है।

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