अब टाइगर रिजर्व के रास्ते से गुजरने पर लगेगा वाहन शुल्कUpdated: Sun, 10 May 2015 04:00 AM (IST)

कार- जीप है तो उनसे 20 रुपए और यदि टाटा मैजिक, माजदा आदि गाड़ियां गुजरेंगे तो उनसे 50 रुपए लिए जाएंगे।

बिलासपुर(निप्र)। शाम 6 बजे के बाद टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले दोपहिया को छोड़कर अन्य वाहनों से अब प्रबंधन शुल्क वसूल करेगा। कार- जीप है तो उनसे 20 रुपए और यदि टाटा मैजिक, माजदा आदि गाड़ियां गुजरेंगे तो उनसे 50 रुपए लिए जाएंगे। शुल्क लेने का यह नियम सूर्यास्त से सूर्योदय तक ही लागू रहेगा।

यह निर्णय शुक्रवार को अचानकमार में आयोजित टाइगर कंजरवेशन फाउंडेशन की बैठक में लिया गया है। इस निर्णय के पीछे प्रबंधन का उद्देश्य भी फाउंडेशन की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। फाउंडेशन में जमा राजस्व का उपयोग टाइगर रिजर्व के विकास के लिए खर्च किए जाते हैं। बैठक फील्ड डायरेक्ट तपेश झा की अध्यक्षता में हुई।

इस दौरान डिप्टी डायरेक्टर वी माथेश्वरन, सहायक संचालक एसके शर्मा के अलावा सभी परिक्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा के साथ निर्णय लिए गए। इसमें वाहनों से शुल्क लेने का निर्धारण किया गया। टाइगर रिजर्व से मुख्य मार्ग निकला है। इसमें पूरे समय वाहनों की आवाजाही रहती है। हालांकि इस मार्ग को बंद करने की योजना है, लेकिन जब आरएमकेके मार्ग पूरी तरह तैयार नहीं हो जाती है। चाहकर भी टाइगर रिजर्व प्रबंधन इसे बंद नहीं कर सकता है।

इस मार्ग से गुजरने के एवज में अब तक किसी तरह का शुल्क भी नहीं था। सुरक्षा व संरक्षा के लिहाज से एक व्यवस्था यह की गई है कि सभी बेरियरों में वाहनों की जांच होती है। इसके अलावा शाम 6 बजे के बाद भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। लेकिन दोपहिया, छोटे चारपहिया वाहन किसी में समय यहां से गुजर सकते हैं। शुल्क लेने का निर्णय इन्हीं छोटे चारपहिया वाहनों के लिए लिया गया है, जो सूर्योदय से सूर्यास्त तक यानी शाम 6 बजे सुबह 6 बजे तक ही लागू रहेगा। जल्द ही इस नए निर्णय को प्रभाव से लागू करने की तैयारी भी की जा रही है।

भारी वाहन है प्रतिबंधित

टाइगर कंजरवेशन फाउंडेशन का नया नियम दोपहिया या भारी वाहनों पर लागू नहीं रहेगा। करीब चार साल से भारी वाहनों के प्रवेश पर बैन है। शाम 6 बजे के बाद सुबह 6 बजे तक ऐसे वाहनों को प्रवेश की इजाजत ही नहीं दी जाती है। इसके चलते उन्हें रात को बेरियर पर ही खड़ा होना पड़ता है। हालांकि यह स्थिति उन वाहन के साथ होती है, जिन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

बांस से बनेगा घरेलू उपयोगी सामान

फाउंडेशन की इस बैठक में अधिकारियों ने टाइगर रिजर्व के ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में जोर दिया है। अब समितियों के माध्यम से बांस के घरेलू सामान जिनमें सुपा, टोकरी, चटाई आदि तैयार कराए जाएंगे। इसके बाद उसे बेहतर दाम में खरीदकर उसे शहर के बड़े बाजारों में बिक्री की व्यवस्था कराई जाएगी। उन्हें जलाऊ व बांस की बल्ली भी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

डीजे पर बैन, लाउड स्पीकर बजाने अनुमति

टाइगर रिजर्व के बफर हो या कोर एरिया अब यहां डीजे साउंड नहीं बजेगा। बैठक में इस पर बैन करने की सहमति बनी है। लेकिन लाउड स्पीकर बजाने की छूट है। यह निर्णय टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर ली गई। इससे वन्यप्राणी भी प्रभावित नहीं होंगे।

शुक्रवार को टाइगर कंजरवेशन फाउंडेशन की बैठक अचानकमार में रखी गई थी। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई और ठोस निर्णय लिए गए। इन वाहनों में दोपहिया या भारी वाहन शामिल नहीं है। बल्कि कार, जीप, टाटा मैजिक, माजदा आदि गाड़ियां शामिल हैं। कार- जीप आदि से 20 रुपए और बाकी वाहनों से 50 रुपए शुल्क लिया जाएगा। एसके शर्मा, सहायक संचालक, अचानकमार टाइगर रिजर्व

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