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किसानों ने लिमिट से ज्यादा बेचा धान, 40 हजार राशन कार्ड रद्दUpdated: Thu, 12 Oct 2017 07:12 PM (IST)

समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले तकरीबन 40 हजार सीमांत किसानों ने लिमिट से ज्यादा धान बेचा है।

बिलासपुर। समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले तकरीबन 40 हजार सीमांत किसानों ने लिमिट से ज्यादा धान बेचा है। जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आने के बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने 40 हजार राशन कार्ड को रद्द कर दिया है। विभाग ने इन किसानों को प्राथमिकता वाले नीले रंग का राशन कार्ड जारी किया था। ये सभी लघु श्रेणी के किसान के दायरे में आते हैं।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत बिलासपुर,मुंगेली,जांजगीर-चांपा व कोरबा जिले को शामिल किया गया है। वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए सहकारी समितियों में पंजीयन कराया था। धान बेचने के लिए राज्य शासन ने लिमिट भी तय कर दी है।

इसके तहत प्रति एकड़ 15 क्विंटल से ज्यादा धान किसान समितियों में नहीं बेच पाएंगे। बड़े किसानों के साथ ही सीमांत व लघु कृषकों ने भी समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए समितियों में पंजीयन कराया था। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के आंकड़ों पर नजर डालें तो चारों जिलों के करीब दो लाख 65 हजार 500 किसानों ने पंजीयन कराया था।

राज्य शासन द्वारा वर्ष 2016-17 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को बोनस देने की जैसे ही घोषणा की गई शासन स्तर पर एक-एक किसानों की सूची बनाने का निर्देश जारी किया गया था। इसमें किसानों का नाम,कितने क्विंटल धान बेचा व कितने एकड़ का पंजीयन कराया गया था।

जैसे एक-एक जानकारी मांगी गई थी। बैंक के अफसरों ने जब किसानों की सूची बनानी शुरू की तो सीमांत कृषकों की सूची में करीब 40 हजार ऐसे मिले जिन्होंने जितने एकड़ खेत का पंजीयन कराया था उससे ज्यादा मात्रा में धान बेच दिया था । गफलत सामने आने के बाद बैंक के अफसरों के अलावा जिला प्रशासन के अकिारियों के होश उड़ गए।

इसकी जानकारी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आला अफसर को दी गई। राजधानी से मिले निर्देश के तहत इनकी सूची बनाई गई। जैसे-जैसे लघु कृषकों के नाम सामने आते गए गड़बड़ी भी मिलते गई। पांच एकड़ का पंजीयन कराने के बाद इन किसानों ने 90 से 95 क्विंटल धान बेच दिया है।

समितियों ने धान भी खरीद लिया और इसी के अनुसार भुगतान भी कर दिया है। गड़बड़ी सामने आने के बाद इनके नाम से जारी राशन कार्ड को फौरीतौर पर रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री खाद्यान्न् योजना के हितग्राहियों से इनका नाम विलोपित कर दिया गया है।

इनका कहना है

समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य शासन ने लिमिट तय कर दी है। लघु किसानों की श्रेणी में अधिकतम पांच एकड़ में खेती करने वाले किसानों को रखा गया था। ये अधिकतम 75 क्विंटल धान बेच सकते हैं । जांच में गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई की गई है।

जेएस पटेल-फूड कंट्रोलर

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