यदि आप भी करते हैं एकतरफा प्यार, तो इस घटना से सबक ले लेंUpdated: Thu, 12 Oct 2017 07:14 AM (IST)

कोरबा निवासी पूनम चंद्रा पिता लोचन प्रसाद चंद्रा (23) गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीएड की छात्रा थी।

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीएड की छात्रा पूनमचंद्रा खुदकुशी केस में पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी छात्र पूनम से एकतरफा प्रेम करता था। इसी के चलते वह छात्रा को परेशान करता था। इसका जिक्र पूनम के माता-पिता ने भी पुलिस से किया है।

मूलतः कोरबा निवासी पूनम चंद्रा पिता लोचन प्रसाद चंद्रा (23) गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में बीएड की छात्रा थी। वह अपने मामा-मामी के सकरी के रामा लाइफ सिटी स्थित मकान में रहकर पढ़ाई करती थी। गुरुवार रात पूनम ने अपने कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह उसकी लाश फंदे पर लटकती मिली। पुलिस को छात्रा के पास से विभागाध्यक्ष के नाम पर लिखे शिकायती पत्र मिला है, जिसमें बीएड के छात्र दिब्य कुमार जांगड़े के द्वारा प्रताड़ित करने का जिक्र किया गया है।

प्रताड़ना से छात्रा की मौत का खुलासा होने के बाद यूनिवर्सिटी में भी बवाल मच गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी छात्र दिब्य कुमार जांगड़े पूनम से एकतरफा प्यार करता था। इस बात का जिक्र पूनम के मम्मी-पापा ने भी पुलिस से किया है।

वहीं शिकायती पत्र में आरोपी छात्र पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का उल्लेख है। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्र दिब्यकुमार के खिलाफ धारा 306 के तहत खुदकुशी करने के लिए प्रेरित करने का अपराध दर्ज कर लिया है।

मेरी एक छोटी सी गलती की वजह से प्रताड़ित कर रहा है दिब्यकुमार

छात्रा पूनम की नोटबुक से पुलिस ने एचओडी के नाम पर लिखे शिकायती पत्र को जब्त किया है जिसमें उसने उल्लेख किया है कि मेरी एक छोटी सी गलती की वजह से क्लासमेट दिब्य कुमार पिछले एक माह से मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है और उसके परिवार को भला-बुरा बोला जा रहा है।

छात्रा से मिले इस पत्र से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एचओडी ने छात्रा की शिकायत को क्यों नजरअंदाज कर दिया। अगर पत्र देने की तैयारी में थी तो वह खुदकुशी क्यों की। पुलिस को शक है कि विभागाध्यक्ष भी इस मामले में कुछ छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।

यही वजह है कि पुलिस अब मृतका के परिजन का बयान दर्ज कर जानकारी जुटाना चाहती है। इसके लिए उन्हें बयान दर्ज कराने बुलाया गया है। इसके साथ ही पुलिस मृतका की सहेलियों के साथ ही क्लास के अन्य छात्रों से भी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

विभागाध्यक्ष ने झाड़ लिया पल्ला

पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान यूनिवर्सिटी के बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सीएस वझलवार से पूछताछ करने पहुंची। लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ भी जानकारी होने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने मृतका छात्रा पूनम की शिकायत करने के संबंध में भी अनभिज्ञता जताई।

पुलिस ने प्रताड़ित करने वाले छात्र दिब्य कुमार की भी जानकारी जुटाई। तब बताया गया कि घटना के बाद से वह यूनिवर्सिटी नहीं आ रहा है। वह बिल्हा क्षेत्र के बोड़सरा का रहने वाला है। पुलिस ने उसके घर जाकर परिजन से भी पूछताछ की। लेकिन वह गायब मिला।

कहीं ब्लैकमेल तो नहीं कर रहा था आरोपी

एडिशनल एसपी शहर नीरज चंद्राकर का कहना है कि छात्रा से मिले शिकायती पत्र में मृतका ने अपने क्लॉस के छात्र दिब्य कुमार के द्वारा प्रताड़ित करने का जिक्र किया है। इसी आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 306 के तहत अपराध दर्ज किया है। मामले में पुलिस को शक है कि आरोपी छात्र कहीं मृतका को ब्लैकमेलिंग कर परेशान तो नहीं कर रहा था इस दिशा में भी जांच कर साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

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