मेक इन इंडिया के डिब्बे में चाइना का चार्जरUpdated: Fri, 14 Jul 2017 08:38 AM (IST)

शिकायत है कि पैकिंग बॉक्स के ऊपर मेक इन इंडिया लिखा हुआ है और अंदर मेड इन चाइना का चार्जर दिया गया है।

बिलासपुर। कॉलेजों में अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं को छत्तीसगढ़ सरकार की युवा सूचना क्रांति योजना के अंतर्गत वितरित किया जा रहा टैबलेट पसंद नहीं आ रहा है। शिकायत है कि पैकिंग बॉक्स के ऊपर मेक इन इंडिया लिखा हुआ है और अंदर मेड इन चाइना का चार्जर दिया गया है। कुछ छात्रों को कंडम टैबलेट मिला है। नाराज छात्रों ने इसे बेचने के लिए ओएलएक्स पर डाल दिया है।

बिलासपुर जिले के अंतर्गत कॉलेजों में टैबलेट का वितरण हो रहा है। शासकीय शबरी माता नवीन कन्या महाविद्यालय, शासकीय ई-राघवेंद्र राव विज्ञान महाविद्यालय, शासकीय जेपी वर्मा कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय और सीएमडी पीजी कॉलेज सहित डीपी विप्र महाविद्यालय, शासकीय बिलासा कन्या पीजी महाविद्यालय, बिलासपुर विश्वविद्यालय यूटीडी समेत अन्य कॉलेजों में वितरण हो चुका है।

जिन छात्रों को टैबलेट मिला है वे नाखुश हैं। छात्रों का कहना है कि शासन ने उनके साथ धोखा किया है। शासन अच्छी क्वालिटी की बात कहकर घटिया और सस्ता टैबलेट दे रहा है। पैकिंग बॉक्स बेहद आकर्षक है। डिब्बे के ऊपर बकायदा मेक इन इंडिया अंकित है। अंदर का सामान उच्च गुणवत्ता वाला नहीं है। मामूली चार्जर भी चाइना का है।

एक ओर जहां केंद्र सरकार चाइना सामान का बायकॉट करने युवाओं को प्रोत्साहित कर रही है वहीं दूसरी ओर खुद चाइना का प्रोडक्ट युवाओं को थमाया जा रहा है। इससे युवा असंतुष्ट हैं। स्थिति यह कि कई स्टूडेंट्स नाराज होकर ओएलएक्स पर बेच रहे हैं जिसकी कीमत 3000 से 6500 तक है।

शासन स्टूडेंट की सुनें बच्चों के खेलने का सामानः राम निवास

एमएससी अंतिम वर्ष के स्टूडेंट राम निवास पटेल का कहना है कि टैबलेट उतना अच्छा भी नहीं है कि इससे फायदा हो। मेरे घर में छोटे बच्चे हैं उन्हें दे दूंगा। यह खेलने के काम आएगा। सरकार को सोचना चाहिए कि उच्च गुणवत्ता वाली चीज दें।

पहले साल में देना थाः ममता

एमएससी की छात्रा ममता देवांगन का कहना है कि शासन ने टैबलेट दिया है जिसका अभी कोई उपयोग नहीं है। पहले साल में प्रवेश के साथ देते तो और अच्छा रहता। अंतिम वर्ष के बाद इसे क्या करेंगे। पढ़ाई पूरी हो चुकी है।

मजबूरी में बेच रहेः नवेश्वर

बीएससी अंतिम वर्ष के छात्र नवेश्वर पटेल का कहना है कि बॉक्स में चाइना का नाम देखकर अधिकांश युवा नाराज हैं। दूसरी ओर कुछ मजबूरी में बेच रहे हैं। उन्हें आगे की फीस के लिए पैसे चाहिए। टैबलेट का उतना उपयोग भी नहीं है।

खराब और कंडम : शेख

बीकॉम अंतिम वर्ष के छात्र शेख शनवीर का कहना है कि उन्हें जो टैबलेट मिला है उसका स्क्रीन टूटा हुआ है। एकदम कंडम सामान है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं।

सैकड़ों टैबलेट, रोज शिकायत

शासन से प्रदत्त टैबलेट को लेकर स्टूडेंट्स रोज शिकायत कर रहे हैं। सर्विस सेंटर वाले भी समस्या दूर नहीं कर पा रहे हैं। कल आने की बात कहकर टाल रहे हैं। स्टूडेंट को दिया गया सर्विस एंड सपोर्ट नंबर 0771-2971707 में कॉल करने पर भी कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। कॉलेज में वितरण अधिकारी भी बांटने के बाद हाथ खड़े कर दे रहे हैं। प्राचार्य को भी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है।

शासन द्वारा प्रदत्त टैबलेट में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा गया है। छात्रों के लिए यह जरूरत की चीज है। डिजीटल इंडिया का मुख्य आधार है। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। इस पर अधिक जानकारी चिप्स की टेक्नीकल टीम से ही संभव है। - प्रो.यूके श्रीवास्तव, सह अपर संचालक,उच्च शिक्षा विभाग बिलासपुर

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