कर्मचारियों को अंग्रेजी से सिखाई जा रही छत्तीसगढ़ीUpdated: Sat, 15 Jul 2017 09:30 AM (IST)

छत्तीसगढ़ी के प्रचार प्रसार के लिए राज्य शासन से तमाम तरह की सुविधा भोगने वाले पदाधिकारियों ने गजब कर दिया।

बिलासपुर। सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों को कामकाज के दौरान छत्तीसगढ़ी का प्रयोग करने के लिए राजभाषा आयोग के पदाधिकारियों ने मंथन सभाकक्ष में शुक्रवार को अजीबो-गरीब तरीके से ट्रेनिंग दी । छत्तीसगढ़ी के प्रचार प्रसार के लिए राज्य शासन से तमाम तरह की सुविधा भोगने वाले पदाधिकारियों ने गजब कर दिया।

कर्मचारियों को अंग्रेजी से छत्तीसगढ़ी में बोलने की सीख देते रहे । मसलन आई हैव इटन माने मैं खा डरेंव। कुछ इसी अंदाज में छत्तीसगढ़ी का प्रचार कर रहे थे। 14 जुलाई को मंथन सभाकक्ष में राजभाषा आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक की अगुवाई में विभिन्न् विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों को कामकाज के दौरान छत्तीसगढ़ी में बोलने की ट्रेनिंग देने का कार्यक्रम रखा गया था।

इस दौरान उनको यह बताना था कि काम के सिलसिले में दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वालों के साथ कैसे व्यवहार करना है । उनके सामने छत्तीसगढ़ी में बोलें व उनकी बातों को समझे व इसी अंदाज में उन्हें समझाने की कोशिश करें ।

प्रशिक्षण के लिए आयोजित कार्यक्रम में शुस्र्आत से ही अव्यवस्था का माहौल दिखाई दे रहा था। अव्यवस्था के बीच तकरीबन एक घंटे विलंब से ट्रेनिंग की शुरुआत हुई । आयोग के सदस्य ने जब कर्मचारियों ने छत्तीसगढ़ी में बोलने के लिए अंग्रेजी के शब्दों व वाक्यों का प्रयोग करना शुरू किया तो मंथन में बैठे कर्मचारी अवाक रहे गए। वे एक दूसरे का मुंह ताकते रहे।

कर्मचारी यह समझ नहीं पा रहे थे कि अंग्रेजी से छत्तीसगढ़ी बोलना है या फिर छत्तीसगढ़ी के साथ-साथ अंग्रेजी भी बोलना है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. पाठक की मौजूदगी में कुछ इसी तरह प्रशिक्षण का कार्यक्रम चलता रहा।

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