पलभर में 25 लाख के 9000 पौधे जलकर खाक, देखिए तस्वीरUpdated: Fri, 19 May 2017 04:01 AM (IST)

चौकीदार की सूचना के बाद भी अमला नहीं पहुंचा। अब इस मामले को विभाग दबाने में जुट गया है।

बिलासपुर। हरियाली की सुरक्षा में वन विभाग नाकाम साबित हो रहा है। विभाग की इसी बदइंतजामी का नतीजा है कि बेलमुंडी स्थित 8 हेक्टेयर में फैले इस प्लांटेशन में ऐसी आग लगी कि पलभर में 8 हजार 800 पौधे जल कर खाक हो गए और विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। चौकीदार की सूचना के बाद भी अमला नहीं पहुंचा। अब इस मामले को विभाग दबाने में जुट गया है।

आगजनी की यह घटना दो दिन पहले की है। पेंड्रीडीह- सकरी बाइपास पर स्थित बेलमुंडी का यह क्षेत्र आरेंज एरिया है। करीब 8 हेक्टेयर का यह क्षेत्र दो साल पहले बेजान पड़ा हुआ था। वन अफसरों की नजर इस क्षेत्र पर पड़ी तो उन्होंने इसे प्लांटेशन कर हरा- भरा करने का फैसला लिया।

2015 में मनरेगा के तहत पौधरोपण का कार्य प्रारंभ हुआ। असिंचित क्षेत्र में समय पर पौधरोपण करना बेहद जरूरी होती है। लिहाजा 8 हेक्टेयर के इस क्षेत्र में जून पौधरोपण का कार्य पूरा कर लिया गया। बारिश शुरू होने के कारण प्लांटेशन सफल भी साबित हुआ।

दो साल में पौधों की ऊंचाई 3-4 फीट तक पहुंच चुकी थी। इसे सुरक्षा की आवश्यकता थी। लेकिन विभाग ने इससे हाथ खींच लिया। सुरक्षा के नाम पर केवल प्लांटेशन के चारों ओर कंटीले तार से घेराबंदी और एक चौकीदार की तैनाती की। लेकिन इसके बाद किसी ने इस प्लांटेशन की ओर झांककर तक नहीं देखा।

इतनी भीषण गर्मी में भी वन अफसरों को पौधों का जायजा लेने की फुर्सत नहीं थी। फायर कटिंग, घास की सफाई तक नहीं की गई। इसी लापरवाही व अनदेखी का परिणाम है कि दो दिन पहले इस प्लांटेशन में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें फैल गई। चौकीदार को इसकी भनक तक नहीं लगी। देखते ही देखते हरियाली से झुलस गई। अब मौके पर एक भी पौधे जीवित नहीं है।

फायर कटिंग व बीर्रा सफाई की रकम हजम

यह प्लांटेशन मनरेगा मद से हुआ है। असिंचित प्लांटेशन होने के कारण पांच साल तक वन विभाग को इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालनी थी। इसके लिए बकायदा जिला पंचायत से फायर कटिंग, बीर्रा सफाई, अग्नि प्रहरी आदि के लिए मद भी लिया जा रहा है। लेकिन प्लांटेशन की स्थिति देखकर यह स्पष्ट हो रहा है कि विभाग ने यहां न तो फायर कटिंग कराई और न ही घास की सफाई। अग्नि प्रहरी भी तैनात नहीं था।

25 लाख खर्च

इस प्लांटेशन के लिए शुरुआत में ही मनरेगा मद से 25 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इस बजट से विभाग ने यहां प्लांटेशन कराया है।

लपटों की चपेट में आए बबूल पेड़

प्लांटेशन के इस क्षेत्र में पहले से बबूल व अन्य प्रजाति के पेड़ थे। आग की लपटों में यह पेड़ इतनी बुरी तरह झुलसे हैं कि आधे से ज्यादा सूखकर लकड़ी की तरह खड़े हैं। वहीं ज्यादातर पेड़ जल कर राख हो गए। इसके अलावा जलने की वजह से कुछ पेड़ नीचे गिर गए हैं। हरे- भरे पेड़ों की यह हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता हे कि आग की लपटे कितनी भयावह रही होगी।

यह पौधे रोपे गए थे

8 हेक्टेयर के इस क्षेत्र में आंवला, करंज, कटहल, टीशु, नीम, आम, बांस आदि के पौधे रोपे गए थे।

डीएफओ को मालूम नहीं

इस घटना के बाद जब जिम्मेदार अफसरों से जानकारी ली गई तो उनसे चौंकाने वाला जवाब मिले। डीएफओ एसके पैकरा को तो यह तक नहीं मालूम था कि बेलमुंडी में विभाग ने प्लांटेशन कराया है। वहीं बिलासपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी केडी घृतेश ने कहा कि थोड़ी बहुत जानकारी है। स्टॉफ ने बताया था। लेकिन मौके पर नहीं जा पाया हूं, इसलिए कुछ नहीं कह पाऊंगा।

आग की लपटें तेज थी

बिलासपुर आरए टीआर कुर्रे का कहना है कि आग लगने के बाद चौकीदार ने सूचना दी थी। स्टॉफ को लेकर वह पहुंचे भी। लेकिन तब तक आग की लपटें इतने तेज हो चुकी थी। उसे बुझाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं था।

मनरेगा के तहत पौधरोपण कराने और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग की होती हे। इसके लिए मद स्वीकृत किए जाते हैं। बेलमुंडी प्लांटेशन में यदि लापरवाही हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी। - जेपी मौर्य, सीईओ, जिला पंचायत

संबंधित खबरें

जरूर पढ़ें

FOLLOW US

Copyright © Naidunia.