भूपेश व महंत जमानत बचा लेंगे तो बड़ी बात होगीः जोगीUpdated: Thu, 09 Jun 2016 03:59 AM (IST)

श्री जोगी ने कहा कि अब तक 18 हजार लोगों ने क्षेत्रीय दल का नाम क्या रखा जाए इसे लेकर अपनी अलग-अलग राय दी है।

बिलासपुर(निप्र)। कांग्रेस से अलग रास्ता अख्तियार कर जीवन के अंतिम सोपान में छत्तीसगढ़ की माटी का कर्ज उतारने अमीर धरती के गरीब लोग का विरोधाभास को तोड़ने का संकल्प लेकर छत्तीसगढ़ में ही राजनीति करने की घोषणा कर श्री जोगी ने एक बार फिर भाजपा व कांग्रेस के रणनीतिकारों व संगठनकर्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। सियासी धमाका करने के बाद दो दिनों तक मरवाही विधानसभा क्षेत्र में रहने और इस दौरान समर्थकों का मन टटोलने के बाद बुधवार को वे पेंड्रा से संपर्कक्रांति एक्सपे्रस से रायपुर के लिए रवाना हुए।

बिलासपुर रेलवे में जैसे ही प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन रुकी एसी बोगी के मेन गेट पर खड़े समर्थक नजर आए। नईदुनिया संवाददाता ने समर्थक से श्री जोगी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वे बोगी में बैठे हुए हैं। श्री जोगी बोगी में व्हीलचेयर में बैठे समर्थकों से बात कर रहे थे। संवाददाता को देखते हुए उन्होंने कुशलक्षेम पूछा। जरूरी औपचारिकता के बाद उन्होंने क्षेत्रीय दल के गठन और भविष्य की राजनीति को लेकर नईदुनिया से खास बातचीत की। इस दौरान उनके चेहरे पर सुकून के साथ ही गजब का आत्मविश्वास झलक रहा था।

0 कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी की घोषणा के बाद अब आगे का क्या प्लान है ?

00 कोटमी में आशा से अधिक व्यापक जनसमुदाय का जुड़ाव रहा। लोगों ने बढ़चढ़कर समर्थन दिया। सबको विकल्प की तलाश थी। समर्थकों और छत्तीसगढ़वासियों के भरोसे पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। कांग्रेस से अलग होकर नई पार्टी बनाने के बाद समर्थकों के अलावा हमसे नरम रुख रखने वालों का लगातार फोन आ रहा है। लोग रायपुर में इंतजार कर रहे हैं। लिहाजा पेंड्रा से रायपुर जाने ओर समर्थकों से मेल मुलाकात करने के लिए ही जा रहा हूं। लोगों को भाजपा व कांग्रेस के अलावा एक तीसरे विकल्प की तलाश थी जो अब जाकर पूरा हुआ है। उनके सपने पूरा होने का वक्त आ गया है। छत्तीसगढ़ की धरती अमीर है। अमीर धरती के गरीब लोग का विरोधाभास को भी दूर करना है। मुझे लगता है कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में हमारी पार्टी को आशातीत सफलता मिलेगी। अच्छे परिणाम आएंगे जिसके बिना पर हम सरकार बनाएंगे।

0 आपके द्वारा नई पार्टी के गठन की घोषणा के बाद भाजपाइयों के बल्ले-बल्ले हो गई है। उनको लगता है कि आपने चांदी की थाली में सजाकर चौथी मर्तबे सत्ता सौंपने की तैयारी कर ली है ?

00 भाजपा के नेता भ्रम में जी रहे हैं। वे किस दुनिया में हैं। समय तेजी के साथ बदल रहा है। मौजूदा राज्य सरकार के प्रति लोगों के मन में भारी गुस्सा है। लोगों ने अब मन बना लिया है और मन ही मन ठान लिया है कि किसी भी हालत में भाजपा को नहीं लाना है। मौजूदा सरकार और विपक्ष दोनों निकम्मे साबित हो रहे हैं। जैसे-जैसे समय गुजरते जाएगा इनकी हकीकत जनता के सामने आने लगेगी। मैं इस बात को फिर जोर देकर कहना चाहता हूं कि लोगों के पास राजनीतिक रूप से कोई विकल्प नहीं था। सशक्त विकल्प उनके सामने आ गया है। हम जनता की आंकाक्षाओं को पूरा करेंगे। उनकी भावनाओं का सम्मान करेंगे। प्रदेश में परिवर्तन की लहर शुरू हो गई है। हमारी पार्टी आम लोगों की पार्टी होगी। इसके फैसले हम सब मिलकर करेंगे। इसके लिए न तो दिल्ली के बड़े नेताओं का मुंह तांकना पड़ेगा और न ही बड़े-बड़े नाम वाले नेताओं के बंगले में घंटों खड़े रहने की जरूरत ही पड़ेगी। हमारी सरकार जनता की सरकार होगी। फिर एक बात दोहराऊंगा अमीर धरती के गरीब लोग का विरोधाभास को दूर करेंगे। यहां के संसाधनों का उपयोग छत्तीसगढ़िया कर सकें ऐसी व्यवस्था बनाएंगे।

0 मंगलवार को डॉ. महंत ने बयान जारी कर कहा था कि जब वर्ष 2000 से 2003 तक आपकी सरकार थी और विधानसभा चुनाव हुआ तब आपकी करारी हार हो गई। क्षेत्रीय दल बनाकर सरकार बनाने के आपके दावों की तो उन्होंने हवा निकाल दी है। वास्तव में यह कैसे संभव होगा। आपके पास कोई प्लान है क्या जिससे आपकी सरकारी बनती दिखाई दे रहा है?

00 डॉ.महंत सरीखे लोग ड्राइंग रूम पॉलिटिशियन हैं। उन्हें जमीनी हकीकत का ज्ञान नहीं है। मैं तो कहता हूं कि महंत व भूपेश बघेल अपने-अपने सुविधानुसार लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र का चुनाव कर लें व लड़ लें। जीत जाएं तो जानूं। मैं तो कहता हूं दोनों नेता आने वाले चुनाव में अपनी जमानत बचा ले तो बड़ी बात होगी। देखते जाइए आगे-आगे होता है क्या। मुझे तो इस बात की भी आशंका है कि भूपेश पाटन विधानसभा क्षेत्र से पलायन न कर दे।

0 आपके समर्थक दावा कर रहे थे कि कोटमी में सभा में विधायकों की फौज दिखाई देगी। आपके कट्टर समर्थक माने जाने वाले विधायकों ने ही किनारा कर लिया है। इसे किस नजर से देखते हैं ?

00 मेरा स्पष्ट मानना और सोच है कि मैं विधायक केंद्रीत राजनीति नहीं करना चाहता। स्वच्छ, ईमानदार व मेहनती युवाओं को आगे लाने और राजनीति करने का मौका देंगे। स्वच्छ छवि वाले युवाओं को टिकट देकर विधानसभा पहुंचाएंगे। वे जनता के अच्छे और ईमानदार सेवक के रूप में काम करेंगे। प्रदेश में एक नई राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण पेश करेंगे। उनकी ऊर्जा, ईमानदारी व मेहनत का फल वहां के मतदाताओं को मिलेगा।

0 आपके समर्थकों के साथ कांग्रेस छोड़ने और नई पार्टी गठन की घोषणा के बाद प्रदेश भाजपाध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने राजनीतिक बीहड़ में भटकने की बात कही थी। उनके बयान में कितनी सच्चाई है। आप क्या मानते हैं ?

00 मैं बेहद नजदीक से देख रहा हूं जनता का स्वभाव तेजी के साथ बदल रहा है। लोग अपनी पार्टी चाहते हैं। लोगों की भावनाओं और उनके सपनों को हकीकत में बदलने के लिए क्षेत्रीय दल के गठन का निर्णय लिया गया है। सियासी बीहड़ में कौन भटकेगा और किसे राज करने का अवसर जनता देगी यह अभी से ही तय हो गया है। हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं । हम जमीनी हकीकत और मैदानी लड़ाई में भरोसा करते आए हैं। जनता का मन बदलने के साथ ही देश में अब आंचलिक पार्टियों का समय आ गया है। सब कुछ सामने है। देश के अधिकांश हिस्सों में आंचलिक पार्टी राज कर रही हैं। भ्रम में रहने वालों को क्या कहा जा सकता है।

0 वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव आते-आते अगर आपकी पार्टी प्रभावी भूमिका में नजर आई और कांग्रेस के रणनीतिकारों को ऐसा लगने लगे कि आपके बगैर भाजपा को हराना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में समझौता का राजनीतिक आमंत्रण कांग्रेस की तरफ से मिले तब आपका रुख क्या होगा ?

00 ऐसा संभव नहीं है। हमने बहुत सोच समझकर फैसला लिया है। छत्तीसगढ़वासियों की सेवा करने लिए गए निर्णय में बदलाव नहीं होगा। वैसे भी कांग्रेस में पहले जैसी बात नहीं रह गई है। बापू, नेहरू, इंदिरा व राजीव गांधी की कांग्रेस नहीं रही। एक वह भी समय था जब देश के अधिकांश भूभाग में कांग्रेस का राज हुआ करता था। लोकसभा कुर्सी कांग्रेस के सांसदों से खचाखच भरी रहती थी। आज क्या स्थिति है। गिनती के 44 सांसद ही रह गए हैं। देश के मात्र सात प्रतिशत भूभाग में कांग्रेस सिमट कर रह गई है। 93 फीसद हिस्से में दूसरे दलों का कब्जा हो गया है। अब क्षेत्रीय पार्टियों का जमाना आ रहा है। देश के चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय दल नहीं है। अब छत्तीसगढ़ में यही कमी पूरी हो गई है। शेष तीन राज्यों में अभी दो दलों के बीच सत्ता का हस्तांतरण का खेल हो रहा है। वर्तमान में जिन-जिन राज्यों में क्षेत्रीय दल प्रभावी है वह सत्ता में है। राष्ट्रीय राजनीतिक दलों का जमाना लदने लगा है। लोगों में क्षेत्रीय दल के प्रति विश्वास जगने लगा है।

विदेशी कंपनी से सर्वे, 67 फीसदी विधायकों का परफार्मेंस कमजोर

बातचीत के दौरान श्री जोगी ने खुलासा करते हुए कहा कि क्षेत्रीय दल बनाने की उनकी प्लानिंग लंबे समय से थी। वृहद कार्ययोजना पर वे काम कर रहे थे। राजनीतिकतौर पर निर्णय लेने से पहले विदेशी कंपनी से प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का सर्वेक्षण कराया गया है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश के 67 प्रतिशत विधायकों का परफारमेंस बेहद कमजोर है। सर्वे में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि ये चुनाव जीतने वाले नहीं हैं। यही कारण है कि हमने विधायकों पर राजनीतक दांव न लगाने का निर्णय लिया है। जिनकी छवि आम जनता के बीच अच्छी रिपोर्ट है उसे दोबारा मैदान में उतारने प्रयास करेंगे। यही कारण है कि हमारा पूरा फोकस स्वच्छ छवि और युवा चेहरों पर केंद्रीत है।

पक्ष-विपक्ष में चल रही सेटिंग

एक सवाल के जवाब में श्री जोगी ने कहा कि पनामा पेपर्स मामले में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह द्वारा विदेशी बैंक खाते में जमा किए करोड़ों रुपए का हिसाब दिया । इसके बाद भी विपक्ष में बैठे लोग भाजपा को एक्सपोज नहीं कर पाए। मध्यप्रदेश में घटी व्यापमं घोटाले से भी बड़ा घोटाला है नान घोटाला। अफसोस की बात यह है कि विपक्ष राज्य सरकार को घेर नहीं पाया। सब कुछ सेटिंग का खेल चल रहा है।

0 18 हजार लोगों ने पार्टी के नाम सुझाएं हैं

क्षेत्रीय पार्टी के नाम की घोषणा के सवाल पर श्री जोगी ने कहा कि अब तक 18 हजार लोगों ने क्षेत्रीय दल का नाम क्या रखा जाए इसे लेकर अपनी अलग-अलग राय दी है। निर्धारित पर्चे में दल का नाम और चुनाव चिन्ह के संबंध में लोगों की रायशुमारी प्राप्त हो गई है। पर्चे की छंटाई की जा रही है। संख्या के आधार पर दल का नाम रखा जाएगा। जिस दल के नाम को ज्यादा लोगों ने रजामंदी दी होगी उसी नाम का ऐलान किया जाएगा। श्री जोगी ने स्पष्ट किया कि एक दो दिन के भीतर इसकी घोषणा कर दी जाएगी। घोषणा के पूर्व खास सिपलसालारों से रायशुमारी करने की बात भी उन्होंने कही।

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