दूसरे की जमीन को अपनी बताकर बेच दी, ऐसे लगाया लाखों का चूनाUpdated: Tue, 14 Nov 2017 11:22 AM (IST)

पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी शीला वर्मा व उसका भाई राकेश वर्मा आपस में भाई-बहन हैं।

बिलासपुर। युवकों ने रायपुर के रीयल इस्टेट संचालक को जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर दूसरे की जमीन बेच दी और उससे 58 लाख रुपए लेकर फरार हो गए। पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया है। उसके पास से 6 हजार रुपए नगद, चेक बुक, अलग-अलग बैंक के खाते, स्कूटी, 9 मोबाइल व कोरा स्टाम्प पेपर वगैरह जब्त किया गया है। वहीं दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

रायपुर शांति नगर निवासी ललित कुमार चौरसिया पिता स्व.रामनारायण रीयल इस्टेट का काम करते हैं। बिलासपुर में वह हिर्री क्षेत्र में जमीन खरीदना चाह रहे थे। इस सिलसिले में उनकी मुलाकात शीला वर्मा, उसके भाई राकेश वर्मा व चंद्रप्रकाश दास मानिकपुरी से हुई।

उन्होंने हिर्री क्षेत्र की जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिया और उस जमीन को अपना बताकर फर्जी तरीके से ललित से सौदा कर लिया। सौदा तय होने के बाद ललित ने उन्हें 58 लाख रुपए दे दिए। लेकिन जब जमीन के दस्तावेजों की जांच कराई, तब पता चला कि उन्होंने मिलकर धोखाधड़ी की है।

जालसाजी व ठगी का मामला सामने आने के बाद ललित ने इस मामले की शिकायत हिर्री थाने में दर्ज कराई। साथ ही एसपी मयंक श्रीवास्तव व एडिशनल एसपी ग्रामीण अर्चना झा से भी शिकायत की। उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए।

पुलिस ने बीते मई माह में आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया। इस बीच आरोपियों की जानकारी जुटाई गई तब पता चला कि शीला वर्मा सरकंडा के गीतांजलि सिटी में रहती है। वहीं उसका भाई राकेश वर्मा जोरापारा में रहता है। जबकि दोनों का घर रायगढ़ में है। वहीं आरोपी चंद्रप्रकाश दास मानिकपुरी कुदुदंड का रहने वाला है।

तब से पुलिस आरोपियों की पतासाजी कर रही थी। हिर्री पुलिस ने एएसपी श्रीमती झा के निर्देश पर रायगढ़ में दबीश दी और आरोपी राकेश वर्मा को पकड़ लिया। उसके घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने 6 हजार 620 रुपए, 9 मोबाइल, स्कूटी, 5 घड़ी, अलग-अलग 6 बैंकों के पासबुक, 9 चेक बुक व कोरा स्टाम्प पेपर जब्त किए। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

बंटी-बबली हैं भाई-बहन

पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी शीला वर्मा व उसका भाई राकेश वर्मा आपस में भाई-बहन हैं। दोनों मूलतः यूपी के रहने वाले हैं और रायगढ़ में उनका मकान है। जांच में पता चला कि भाई-बहन मिलकर इस तरह से ठगी का कारोबार करते हैं। जालसाजी के इस मामले में उन्होंने अपने सहयोगी चंद्रप्रकाश दास मानिकपुरी को भी शामिल कर लिया। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।

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