टेप कांड : अमित जोगी ने केस दर्ज करवाकर, ठोंका मानहानी का मुकदमाUpdated: Wed, 30 Dec 2015 03:11 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे व मरवाही विधायक अमित जोगी ने यहां सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

बिलासपुर (निप्र)। मंतूराम पवार की नाम वापसी को लेकर लेनदेन का ऑडियो टेप जारी करने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे व मरवाही विधायक अमित जोगी ने यहां सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने ऑडियो टेप को फर्जी करार देते हुए विशेषज्ञों से जांच कराने व दोषियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। उन्‍होंने एक अंग्रेजी अखबार के एडिटर इन चीफ व पत्रकार के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मानहानि का परिवाद पेश किया है।

विधायक अमित जोगी ने सिविल लाइन थाना प्रभारी को सौंपी अपनी शिकायत में कहा है कि मेरे पिता अजीत जोगी प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रह चुके हैं। एक अंग्रेजी अखबार के पत्रकार ने मुझसे अंतागढ़ के मंतूराम पवार प्रकरण के संबंध में किसी ऑडियो टेप में मेरी व मेरे पिता अजीत जोगी की आवाज होना बताया है। जिस पर मैंने उन्हें यह बताया था कि उक्त आवाज मेरे व मेरे पिता की नहीं है।

ऐसा कोई भी ऑडियो टेप यदि आपके पास है तो वह किसी व्यक्ति द्वारा फर्जी रूप से बनाया गया है। उन्हें यह खबर प्रकाशित नहीं करने के लिए भी अमित जोगी ने ई-मेल के माध्यम से कहा था। कथित फर्जी ऑडियो टेप की जांच कराकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

मरवाही विधायक अमित जोगी ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। उनकी शिकायत की जांच कराई जाएगी। लेकिन इस मामले में घटनास्थल सिविल लाइन थाना क्षेत्र नहीं है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जेआर ठाकुर, एडिशनल एसपी

अमित ने ठोंका मानहानि का मुकदमा

मरवाही विधायक अमित जोगी ने एक अंग्रेजी अखबार के एडिटर इन चीफ व पत्रकार के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मानहानि का परिवाद पेश किया है। न्यायालय ने परिवाद को प्रारंभिक साक्ष्य के लिए 2 फरवरी को रखने का आदेश दिया है। अमित जोगी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में धारा 500, 499, 501,502 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने परिवाद पेश किया है।

इसमें कहा गया है कि उनके पिता अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री थे और समाजसेवा में लगे हुए हैं। अखबार ने ऑडियो की जांच किए बिना झूठी खबर प्रकाशित की है। इससे जोगी परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। परिवाद में एडिटर इन चीफ और पत्रकार को पक्षकार बनाया है। परिवाद में आईटी एक्ट के तहत इनके खिलाफ प्रकरण पंजीबद्घ कराने की मांग की गई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में 2 फरवरी को अमित जोगी की गवाही होगी।

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