गलत ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पर 12 लाख जुर्मानाUpdated: Mon, 17 Jul 2017 08:12 PM (IST)

गलत तरीके से सर्जरी करने के मामले में डॉक्टर को12 लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है।

बिलासपुर। जिला उपभोक्ता फोरम ने गायनेकोलॉजिस्ट नहीं होने के बावजूद महिला की बच्चादानी की गलत तरीके से सर्जरी करने के मामले में डॉक्टर को 5 लाख रुपए उपचार व्यय व 7 लाख जुर्माना समेत 12 लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है। ऑपरेशन के बाद महिला का स्वास्थ्य निरंतर खराब होने लगा था। हैदराबाद में उपचार के बाद महिला स्वस्थ हुई।

विनोवा नगर निवासी आवेदिका श्रीमती संगीता चंदेरिया पति भूपेन्द्र चंदेरिया (42) पेट दर्द व आंतरिक समस्याहोने पर सरजू बगीचा स्थित साईं हॉस्पिटल के डॉ. संजय ढांढरिया से 6 अप्रैल 2013 को संपर्क किया। डॉक्टर ने पीड़िता को उपचार के लिए 8 अप्रैल 2013 को बुलाया।

जांच के बाद उन्हाें ने ऑपरेशन करने की सलाह दी। साथ ही 40 हजार रुपए खर्च आने की जानकारी दी। पीड़िता ने जान बचाने के लिए 40 हजार रुपए व्यवस्था कर अस्पताल में जमा किया। डॉक्टर ने बिना जांच व परीक्षण पीड़िता की सर्जरी कर बच्चादानी को बाहर निकाल दिया।

इसके बाद दूसरे दिन 9 अप्रैल को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। 10 अप्रैल को पीड़िता को असहनीय दर्द होने लगा। इस पर उन्होंने डॉक्टर को जानकारी दी। उन्होंने दवा देकर धीरे-धीरे ठीक होने की बात कही। इसके बावजूद पीड़िता की समस्या समाप्त नहीं हुई। बार-बार डॉक्टर से संपर्क कर उपचार कराया गया।

डॉक्टर ने एक माह बाद 6 मई 2013 को डांटते अपोलो जाने के लिए कह दिया। इसके बाद पीड़िता अपोलो में जांच कराई। मामला क्रिटिकल होने पर उसे एआईएनयू हैदराबाद भेजा गया। यहां लंबा उपचार के बाद पीड़िता की स्थिति में सुधार हुआ। पीड़िता ने 12 मार्च 2015 को जिला उपभोक्ता फोरम में आवेदन प्रस्तुत कर डॉक्टर द्वारा गलत सर्जरी करने पर उपचार में आए खर्च तथा क्षतिपूर्ति दिलाए जाने की मांग की।

मामले में चिकित्सक की ओर से जवाब पेश कर कहा गया कि महिला की नियमानुसार सर्जरी की गई थी। यह ऑपरेशन के बाद आने वाली सामान्य शिकायत थी। उसका उपचार किया जा रहा था। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अशोक कुमार पाठक व सदस्य प्रमोद वर्मा, रीता बरसैंया ने सुनवाई में पाया कि डॉ. संजय ढांढरिया गायनेकोलॉजिस्ट नहीं होते हुए भी गायनिक समस्या होने पर सर्जरी कर दी।

इसके कारण उसकी समस्या बढ़ी है। सेवा में कमी पाए जाने पर फोरम ने डॉक्टर को एक माह के अंदर उपचार में आए खर्च 5 लाख रुपए 12 मार्च 2015 से अदायगी तक 9 प्रतिशत ब्याज समेत भुगतान करने, 7 लाख रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति व 5 हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है।

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