एक ही दिन में दुनिया की सबसे लंबी 189 रेल पटरी बनाकर बनाया रिकॉर्डUpdated: Tue, 14 Nov 2017 07:48 AM (IST)

तीसरे नंबर पर यह रिकॉर्ड आस्ट्रिया के नाम है। जहां एक प्राइवेट कंपनी 120 मीटर लंबी रेलपांत का उत्पादन होता है।

भिलाई। भिलाई के नाम रिकॉर्ड बनाने का दौर चल रहा है। एक पखवाड़े में कई रिकॉर्ड भिलाई ने दिए। इसी कड़ी में बीएसपी के यूनिवर्सल रेल मिल ने भी रिकॉर्ड बना दिया। जर्मन तकनीकी से निर्मित मशीनों से प्रोडक्शन का ग्राफ तेजी से बढ़ना अब शुरू हुआ है। देश की रेलवे को सप्लाई के साथ अब विदेशों को सप्लाई के लिए बीएसपी ने खुद को मजबूत करने की पहल को मूर्तरूप देना शुरू कर दिया है।

यूआरएम ने 10 नवंबर को उत्पादन के विभिन्ना क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। भिलाई इस्पात संयंत्र के यूनिवर्सल रेल मिल ने उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर वृद्धि करते हुए अपने ही पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।

10 नवंबर को उत्पादन के विभिन्ना क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ दैनिक निष्पादन करने का नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके तहत यूआरएम ने फर्नेस चार्जिंग का 198 का रिकॉर्ड, ब्लूमिंग डिस्चार्जिंग का 192 और ब्लूम्स रोलिंग का 189 का रिकॉर्ड दर्ज करने की उपलब्धि हासिल की।

साथ ही यूआरएम ने 120 पैनल्स का रिकॉर्ड लोडिंग किया। बीएसपी से तैयार 260 मीटर लंबे पैनल यानी रेल पटरी की सप्लाई भारतीय रेलवे को की। इसी प्रकार यूआरएम ने एक ही दिन में रिकॉर्ड बनाने की कड़ी में फिनिशिंग क्षेत्र में सी-शिफ्ट में रिकॉर्ड दर्ज किया।

सी-शिफ्ट रिकॉर्ड बनाने की उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत सी-शिफ्ट में 76 रेल की स्ट्रेटनिंग, 70 रेल की एनडीटी टेस्टिंग एवं 70 रेल निरीक्षण कार्य को सम्पन्ना किया गया। जो अब तक का किसी भी शिफ्ट का सर्वश्रेष्ठ निष्पादन रिकॉर्ड रहा है।

जानिए कैसे टूटे रिकॉर्ड

आठ नवंबर को यूआरएम ने 149 ब्लूम को फर्नेस से डिस्चार्ज किया। 142 रेल की रोलिंग की। इसी तरह आरआरएसएम में 155 रेल की स्टेटनिंग, 144 रेल की एनडीटी टेस्टिंग, 138 रेल की विजुअल इंसपेक्शन, 61 पैनल्स की वेल्डिंग और 63 पैनल्स के निरीक्षण कार्य का रिकॉर्ड बनाया था। आठ नवंबर को संयंत्र ने रेल एवं स्ट्रक्चरल मिल एवं यूआरएम की ओर से संयुक्त रूप से 3488 टन रेल पटरी उत्पादन का नया दैनिक कीर्तिमान हासिल किया है।

देश और विदेश में सप्लाई की रेस में बीएसपी आगे

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड-जेएसपीएल ने बीएसपी को मात देते हुए पिछले साल ईरान को सप्लाई करने के लिए ऑर्डर हासिल किया था। बीएसपी का यूआरएम प्रोजेक्ट देरी होने के कारण बीएसपी सप्लाई करने में पीछे रहा, इसका फायदा उठाते हुए जिंदल ने सप्लाई की। अब बीएसपी के पक्ष में हालात बेहतर होते जा रहे हैं।

इसलिए मार्केट में फिर से मजबूत दावेदार बना हुआ है। भारतीय रेलवे करीब सात लाख टन रेल पटरी सप्लाई के लिए ओपन टेंडर कर चुका है। 18 अक्टूबर को जारी टेंडर में रेल पटरी बनाने वाली देशी-विदेशी कंपनी से आवेदन मांगे गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि बीएसपी के हालात ठीक होने से यह फैसला बदला भी जा सकता है। इसको लेकर संशय बना हुआ है।

रेल पटरी की लंबाई में नहीं है कोई दूसरा

130 मीटर लंबी रेल पटरी बनाने में बीएसपी ने एकाधिकार बनाए रखा है। दुनिया की कोई दूसरी कंपनी इतनी लंबी रेल पटरी नहीं बनाता है। दुनिया में किसी ने बनाया भी तो भारत लाना मुश्किल होगा।

भारत में ही जेएसपीएल ने पिछले साल तक विश्व की सबसे लंबी 121 मीटर रेलपांत का उत्पादन शुरू कर दिया था। साथ ही तीन वेल्ड के साथ 484 मीटर लंबी रेलपांत बनाया। अब बीएसपी इससे आगे निकल चुकी है। जिंदल 121 मीटर तक सीमित है, जबकि बीएसपी 130 मीटर का आंकड़ा पार कर चुका है। तीसरे नंबर पर यह रिकॉर्ड आस्ट्रिया के नाम है। जहां एक प्राइवेट कंपनी 120 मीटर लंबी रेलपांत का उत्पादन होता है।

बीएसपी पटरी पर झटके हैं कम

बीएसपी द्वारा निर्मित सिंगल 130 मीटर लंबी रेल पटरी का सबसे बड़ा फायदा यह कि ट्रेन में झटके नहीं लगते। रेल पटरी में जोड़ होने से ट्रेन में झटके ज्यादा लगते हैं। देश में अब तक 65 मीटर लंबी रेल पटरी को वेल्ड करके 260 मीटर की बनाकर बिछाया जाता था।

इससे हर एक किलोमीटर पर 7 से 8 जोड़ आता था, यही झटके का कारण बनता। अब 130 मीटर की पटरी होने से झटके की संख्या कम हो गई। साथ ही हेडहाडेंड रेल पटरी यानी ऊपरी हिस्सा जंग न लगने और बुलेट ट्रेन गुजारने लायक होते हैं। इस क्षमता की पटरी बीएसपी अब बना रहा है।

बीएसपी तैयार है

'रेल और सेल का रिश्ता पुराना है। बीएसपी हर मामले में मजबूत हो रहा है। रेलवे की जरूरतों के हिसाब से प्रोडक्शन किया जा रहा है। साथ ही विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर की भी तैयारी है। प्रोडक्शन की रफ्तार बढ़ने से हम विदेशों को सप्लाई और बेहतर करेंगे।' - एम. रवि, सीईओ, बीएसपी

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