पिता ने विरोध किया तो मूकबधिर प्रेमी जोड़े के समर्थन में आया समाजUpdated: Mon, 17 Jul 2017 10:42 AM (IST)

दोनों की मुलाकात सात साल पहले 2011 में भिलाई के एक होटल में आयोजित राइट हेल्थ वेलफेयर समारोह में हुई।

दुर्ग/ भिलाई। कहते हैं प्यार किसी शब्द या भाषा की मोहताज नहीं होता। प्यार का इजहार आंखों से किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही हुआ सौरभ और प्रीति के साथ। दोनों मूकबधिर हैं। दोनों की मुलाकात सात साल पहले 2011 में भिलाई के एक होटल में आयोजित राइट हेल्थ वेलफेयर समारोह में हुई।

इस दौरान सौरभ और प्रीति की नजरें एक-दूसरे से मिली और प्यार हो गया। दोनों ने एक- दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और फिर वाट्सएप के जरिए बातों का सिलसिला शुरू हुआ और दोनों ने शादी कर ली, लेकिन सौरभ के पिता को यह शादी मंजूर नहीं है और वे दोनों को अलग करने दबाव बना रहे हैं।

यह स्टोरी किसी फिल्म की नहीं बल्कि रायपुर निवासी सौरभ और भिलाई निवासी प्रीति दुबे की है। दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं। इशारों ही इशारों में दोनों अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं।

लेकिन स्वजातीय होने के बाद भी सौरभ के पिता को यह शादी इसलिए मंजूर नहीं क्योंकि उनके दोनों बच्चे सौरभ और उसकी बड़ी बहन भी मूकबधिर हैं। दिनेश की पत्नी यानी सौरभ की मां का देहांत भी दस साल पहले हो चुका है।

पत्रकारवार्ता में समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि कि सौरभ के पिता सेवानिवृत्त मजिस्ट्रेट हैं और वे ऐसी बहू चाहते हैं जो सामान्य हो और बोल सके। सौरभ और प्रीति की शादी से नाराज पिता सौरभ पर लगातार दबाव बना रहे हैं। यही कारण है कि दोनों ने समाज से मदद मांगी।

शादी करके पहुंचे तो नाराज पिता ने घर से निकाला

ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों के मुताबिक सौरभ और प्रीति ने 30 जून 2017 को आर्यसमाज भिलाईनगर में शादी की। उसके बाद जब वे घर गए तो पिता ने नाराज होकर उन्हें घर से निकाल दिया। सौरभ रेलवे रायपुर में क्लर्क के पद पर कार्यरत है।

सौरभ और प्रीति किराए के मकान में अलग रहते हैं। पिता फोन से सौरभ पर यह दबाव बना रहे हैं कि वह प्रीति को छोड़ दे और घर आ जाए। वहीं दूसरी तरफ यह कहकर भी गुमराह कर रहे है कि तुम्हारी शादी फिर से दिसंबर महीने में करवा देंगे, तब तक प्रीति से अलग रहो।

बिछड़ जाने से भयभीत यह जोड़ा समाज की शरण में आया है। समाज पिता और नवविवाहित जोड़े के बीच सामंजस्य स्थापित करने में जुटा है। पदाधिकारी बताते हैं कि 26 फरवरी 2017 को सर्वब्राह्मण समाज द्वारा दुर्ग मानस भवन में आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में भी सौरभ और प्रीति के परिजनों ने आवेदन दिया था। तब दोनों के बीच परिचय भी कराया गया था।

लड़की के परिजनों को ऐतराज नहीं

सर्वब्राह्मण समाज ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रीति के पिता सिद्धनाथ दुबे बीके कंपनी भिलाई में मशीन ऑपरेटर हैं, जबकि मां गृहिणी है। उन्हें दोनों की शादी पर कोई आपत्ति नहीं है। प्रीति बारहवीं, डीसीए तक पढ़ी है। वहीं सौरभ भी स्नातक व पीजीडीसीए है। प्रेसवार्ता में छत्तीसगढ़ सर्व ब्राम्हण समाज के उपाध्यक्ष शशिकांत तिवारी, संजय मिश्रा, नंदकिशोर शर्मा, ब्रह्मा तिवारी, दीपक शर्मा, योगेश तिवारी सहित अन्य लोग शामिल हुए।

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