पहली बार भिलाई में इस्तेमाल होगी देश की सबसे लंबी रेलपांतUpdated: Sat, 12 Aug 2017 01:21 AM (IST)

भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में बनने वानी देश की सबसे लंबी सिंगल पीस रेलपांत का उपयोग पहली बार भिलाई में किया जा रहा है।

भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में बनने वानी देश की सबसे लंबी सिंगल पीस रेलपांत का उपयोग पहली बार भिलाई में किया जा रहा है। इसके तहत बीएसपी ने रेलवे को 941 टन लांग रेलपांत की रैक भिलाई-3 भेजी है। जल्द ही इसका उपयोग शुरू कर दिया जाएगा। इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है।

रेलवे द्वारा कुम्हारी से भिलाई-3 तक मेन लाइन की पटरियां बदलने की योजना है। इसके तहत ही बीएसपी से बीते 29 जुलाई को 941 टन 260 मीटर सिंगल पीस लॉंग रेलपांत का एक रैक भिलाई-3 भेजा गया है।

बताते हैं कि रैक से अनलोडिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही पटरियां बदलने का काम शुरू कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि देश की सबसे लंबी रेलपांत बनाने की क्षमता वाले यूआरएम (यूनिवर्सल रेल मिल) का उद्घाटन बीएसपी में बीते जनवरी माह में किया गया था। जानकारों की मानें तो उत्पादन के बाद पहली बार इसका उपयोग भिलाई में किया जा रहा है।

यार्ड में भी होगा उपयोग

रेलवे सूत्रों की मानें तो पटरियां बदलने के अलावा लॉंग रेल्स का उपयोग नया यार्ड बनाने में भी किया जाएगा। इसके लिए जरूरत के अनुसार और रेल पटरियों की डिमांड की जाएगी। कुम्हारी से भिलाई-3 के मध्य पटरियां बदलने का काम पूरा होने के बाद आगे की प्रक्रिया की जाएगी। बताते हैं कि कुम्हारी से रसमड़ा तक पटरियां बदलने की योजना है।

जुलाई में साढ़े 12 हजार टन आपूर्ति

बीएसपी ने बीते जुलाई माह में रेलवे को 12 हजार 610 टन लॉंग रेल की आपूर्ति की है। इसमें भिलाई के अलावा सोनीपत, विजयपुरा, मगरा, विकारवाद, समख्याली, करनाल, भीमसेन, क्यातासंदरा, रूपनगर व मरवार में 941-941 टन की आपूर्ति की गई। इसके अलावा रायगढ़ा, बर्दमान व बेतुल में 753-753 टन की आपूर्ति की गई।

भेजे हैं रैक

'जुलाई माह में 12 हजार 610 टन लांग रेल पटरियों की आपूर्ति रेलवे को की गई है। इसमें से 941 टन की एक रैक भिलाई-3 भेजी गई है।' - जनसंपर्क विभाग, बीएसपी

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