कलेक्टर ने भरी हवा तो शहर के सबसे बड़े होटल का बेसमेंट निगम ने किया सीजUpdated: Sat, 15 Jul 2017 01:18 AM (IST)

कलेक्टर ने यह तक कहा कि यदि बेसमेंट से कब्जा हटाने पर कोई नेतागीरी करता है तो उसकी बात मुझसे कराएं।

भिलाई। भिलाई में फोरलेन के किनारे बदहाल यातायात व्यवस्था को दुरस्त करने की हिदायत के बाद भी ढुलमुल रवैया अपनाने पर निगम के अधिकारियों को कलेक्टर की फटकार खानी पड़ी। शुक्रवार को निगम पहुंचे कलेक्टर ने अधिकारियों की जमकर खबर ली।

उन्होंने दो टूक कहा कि पार्किंग की जगह पर चल रही दुकानों व गोदाम में ताला जड़ दें। कार्रवाई के दौरान जो व्यक्ति नेतागीरी करे, उससे मेरी बात कराएं। कलेक्टर से डोज मिलने के बाद बैठक से निकलकर निगम अधिकारी नेहरू नगर चौक स्थित ढिल्लन होटल पहुंचे और बेसमेंट में बने स्टोर रूम में ताला जड़ दिया। एक अन्य कॉम्पलेक्स में भी कार्रवाई की गई।

दो सप्ताह पूर्व कलेक्टोरेट में जिले के सभी विभाग प्रमुखों की बैठक कलेक्टर उमेश अग्रवाल ने ली थी। इसमें ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए कलेक्टर ने सुझाव मांगे थे। बैठक के दौरान पुलिस विभाग द्वारा सड़क व संस्थानों के सामने कार्रवाई की बात तो कही गई, लेकिन बेसमेंट के लिए जिले के तीनों निगमों को कार्रवाई करने का अधिकार बताया गया।

इस पर कलेक्टर ने निगम प्रमुखों को बेसमेंट में कब्जा करने वालों को नोटिस देने कहा था। इसका जवाब 15 दिन के अंदर संस्थानों को देना था कि वे बेसमेंट में गाड़ी पार्किंग की जगह उसका वर्तमान में उपयोग क्या कर रहे है। अगर पार्किंग की जगह किसी स्टोर या अन्य कार्य के लिए इसका उपयोग कर रहे तो इसे वह खाली कर दें। कलेक्टर के इस निर्देश पर गंभीरता से काम करने की जगह अफसर लीपापोती करते रहे।

आज भिलाई निगम का दौरा करने पहुंचे कलेक्टर ने सबसे इसी विषय पर चर्चा की। अफसरों की कार्यप्रणाली से नाराज कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया और नोटिस का जवाब नहीं देने वालों पर कार्रवाई करने कहा। कलेक्टर ने यह तक कहा कि यदि बेसमेंट से कब्जा हटाने पर कोई नेतागीरी करता है तो उसकी बात मुझसे कराएं।

कलेक्टर के तेवर देखते हुए निगम के अफसर सक्रिय हो गए और बैठक के बाद होटल ग्रांड ढिल्लन नेहरू नगर चौक व रेलवे फाटक स्थित शकुंतला अग्रवाल कॉम्पलेक्स में कार्रवाई की गई।

तीन कमरे बनाए थे होटल में

ढिल्लन होटल की पार्किंग में तीन कमरे बनाए गए थे। एक में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, दूसरे का कर्मचारियों के कपड़े बदलने व तीसरे का उपयोग खाना बनाने के काम में हो रहा था। निगम अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट में मुख्य द्वारा पर कोई गेट या शटर भी नहीं लगाई गई थी।

कॉम्पलेक्स में बनी थी दुकान

नेहरू नगर रेलवे क्रॉसिंग के पास शकुन्तला अग्रवाल कॉम्पलेक्स में बेसमेंट में पार्किंग के स्थान पर दो दुकान बना कर किराए पर दी गई थीं। दोनों दुकानों में निगम की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची इससे पहले ही दुकानों का शटर बंद कर दिए गए। निगम टीम की मानें तो दोनों दुकानों में मोबाइल संबंधी कार्य किए जाते हैं।

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