चंद्राकर बोले, मैं तो 11वीं पढ़ा हूं, भूपेश को गलत प्लॉट बंटा तो सीईओ दोषीUpdated: Thu, 18 May 2017 03:52 AM (IST)

गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू साडा के तत्कालीन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी में है।

भिलाई/रायपुर। भिलाई-3 मानसरोवर आवासीय परिसर में पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल को 12 प्लॉट आवंटन मामले में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) के तत्कालीन अध्यक्ष लक्ष्मण चंद्राकर ने उस समय के सीईओ को दोषी ठहराया।

चंद्राकर ने माना कि बघेल परिवार से पुरानी पहचान है, लेकिन आवंटन के लिए तत्कालीन सीईओ जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा- मैं 11वीं पढ़ा हूं... और नियम की जानकारी अधिकारी को होनी चाहिए। आवंटन की फाइल सबसे आखिर में मुझ तक पहुंची। अगर गलत हो रहा था तो किसी अधिकारी ने टीप क्यों नहीं लिखी। गौरतलब है कि ईओडब्ल्यू साडा के तत्कालीन जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी में है।

साडा संचालक मंडल सदस्य रहते भूपेश ने वसुंधरा नगर उत्तर आवासीय परिसर में 360 वर्गमीटर के 2 प्लॉट के लिए आवेदन किया था। वहां इतना बड़ा भूखंड नहीं था, तो मानसरोवर में पत्नी मुक्तेश्वरी और मां बिंदेश्वरी के नाम पर 6-6 प्लॉट के लिए आवेदन लगाया।

फाइल योजना, नगर निवेश शाखा से होकर सीईओ एचपी किंडो तक पहुंची। उन्होंने दस्तखत कर फाइल आगे बढ़ा दी। सीईओ को जिम्मेदार ठहरा रहे चंद्राकर से पूछा गया था कि क्या साडा में यह नियम है कि एक व्यक्ति को एक ही प्लॉट दिया जा सकता है और छोटे-छोटे प्लॉट जोड़कर एक नहीं किए जा सकते हैं?

गोल्लर मन लड़थे तब आम आदमी रमजा जाथे...

अपने कार्यकाल में समझ और जानकारी के अनुसार कुछ भी गलत नहीं किया, लेकिन क्या है कि जब गोल्लर मन लड़थे त कतको आदमी रमजा जाथे (सांड लड़ते हैं तो कई लोग कुचल जाते हैं)। यही हालत है हमारी। - लक्ष्मण चंद्राकर, तत्कालीन अध्यक्ष, साडा भिलाई

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