वीडियो : 11 हाथियों का दल अंबिकापुर में घुसा, दिन भर हड़कंपUpdated: Wed, 07 Dec 2016 10:19 AM (IST)

शहर के बिशुनपुर में बुधवार की सुबह 11 हाथियों के दल के आ धमकने से हड़कंप मच गया।

अंबिकापुर। नईदुनिया न्यूज। शहर के बिशुनपुर में बुधवार की सुबह 11 हाथियों के दल के आ धमकने से हड़कंप मच गया। सुबह लगभग छह बजे हाथी अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित होलीक्रास आशा निकुंज परिसर पहुंचे और लगभग 12 घंटे वहीं डटे रहे। एहतियात के तौर पर स्कूलों की छुट्टी करा दी और राष्ट्रीय राजमार्ग में अंबेडकर चौक से सांई मंदिर मोड़ तक भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया।

लखनपुर वन परिक्षेत्र के सलका, देवीटिकरा क्षेत्र में विचरण कर रहे 11 हाथियों का दल बुधवार की सुबह अंबिकापुर शहर में प्रवेश कर गया। बिशुनपुर में सुबह लगभग छह बजे तालाब के पास हाथियों को देख लोग सकते में आ गए और खदेड़ने लगे। इससे हाथियों का दल पटपरिया में निर्माणाधीन रायलपार्क कॉलोनी से होते हुए होलीक्रास आशा निकुंज परिसर पहुंच गया। यहां कई एकड़ क्षेत्र में साग-सब्जियों के अलावा केले की खेती की गई है। पूरे दिन हाथी यहीं डटे रहे।

हाथियों ने परिसर में प्रवेश करने के लिए अहाते के एक हिस्से को ढहा दिया। दूसरी ओर शहर में हाथियों के आ धमकने की खबर से हड़कंप मचा रहा। सैकड़ों की तादाद में लोग मनेंद्रगढ़ रोड और कृष्णानगर कॉलोनी की ओर से आशा निकुंज परिसर के आसपास जमा हो गए।

हाथियों के आ धमकने की सूचना पर सरगुजा आईजी हिमांशु गुप्ता, कलेक्टर भीम सिंह, सीसीएफ प्रेमकुमार, एसपी सदानंद कुमार, डीएफओ मो. शाहिद, एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा, तहसीलदार रमेश मोर सहित पुलिस, प्रशासन व वन विभाग के अधिकारी आशा निकुंज परिसर पहुंचे। हाथियों को नियंत्रित करने हाथी मित्र दल के सदस्यों के अलावा हुल्ला पार्टी को बुलाया गया।

लोगों को परिसर से दूर रखा गया और हर रास्ते पर पुलिस व सशस्त्र बल के अधिकारी-जवानों को तैनातकर लोगों की आवाजाही रोकी गई। शाम लगभग पांच बजे हाथियों के परिसर स्थित तालाब के नजदीक पहुंचने पर उन्हें खदेड़ना शुरू किया गया। आला अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुल्ला पार्टी और हाथी मित्र दल के सदस्यों ने मिर्च, मशाल, पटाखा सहित अन्य संसाधनों का उपयोग कर हाथियों को पिलखा पहाड़ की ओर खदेड़ा।

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