नोटबंदी से ब्याज दरें घटेंगीः बार्कलेजUpdated: Mon, 14 Nov 2016 07:56 PM (IST)

नकदी की कमी के कारण लोगों के पास खर्च करने की क्षमता गिर जाएगी। इस कारण देश की विकास दर घटेगी।

मुंबई। बैंकों में बढ़ रहे डिपॉजिट से बांड यील्ड और ब्याज दरें घटने की संभावना है। बैंकों के पास जो नकदी आई है उससे वो सरकारी पेपर खरीदेंगी और ग्राहकों लोन देगी। नकदी की कमी के कारण लोगों के पास खर्च करने की क्षमता गिर जाएगी। इस कारण देश की विकास दर घटेगी।

जानकारों के मुताबिक इससे रिजर्व बैंक के पास दरें घटाने का मौका होगा। सरकार के नोटबंधी के बाद सरकारी गिल्ट में अच्छी खरीदारी का अनुमान है। इस कारण 10 साल की गिल्ट की यील्ड 6.5 फीसदी से बढ़कर 6.65 फीसदी हो गई। शुक्रवार को यील्ड 6.72 फीसदी थी। बांड यील्ड में तेजी को एक ही कारण रोक सकता है।

अमेरिकी बांड यील्ड में बढ़त के कारण दिक्कत पैदा हो सकती है। इस कारण पूरे विश्व में यील्ड की कीमत बढ़ जाएगी। पिछले 4 दिन में बैंक में 3 लाख करोड़ की रकम जमा हो चुकी है। इससे बैंकों के कासा डिपॉजिट में अच्छी बढ़त देखी गई।

बैंकिंग सिस्टम में डिपॉजिट बढ़ने से सरकार के बांड की मांग बढ़ेगी। दूसरे बांड की मांग भी बढ़ेगी। ओपन मार्केट ऑपरेशन खरीद भी कम होगी। बार्कलेज बैंक के इकोनॉमिस्ट सिद्धार्त सान्याल के मुताबिक इससे महंगाई घटेगी। हालांकि खपत कम होने से पूरी आर्थिक गतिविधी पर प्रभाव पड़ेगा।

बार्कलेज को लगता है कि जनवरी से मार्च की तिमाही में रिजर्व बैंक एक चौथाई दरें घटा सकता है। बांड डीलरों के मुताबिक बेंचमार्क यील्ड में कमी आ सकती है। राज्य सरकारों के बांड की यील्ड में भी कमी आ सकती है। 8 नवंबर को हुई नीलामी में 19 राजयों ने मिलकर बाजार से 26,390 हजार करोड़ का कर्ज लिया।

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