NPA छिपाने वाले बैंकों को RBI ने दी चेतावनीUpdated: Wed, 06 Dec 2017 10:15 PM (IST)

फंसे कर्जे (एनपीए) को छिपाने वाले बैंकों को एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी है।

नई दिल्ली। फंसे कर्जे (एनपीए) को छिपाने वाले बैंकों को एक बार फिर भारतीय रिजर्व बैंक ने चेतावनी दी है। आरबीआइ के गवर्नर डॉ. उर्जित पटेल ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि हर बैंक को मौजूदा नियमों का पालन करते हुए हर तरह के फंसे कर्जों को बाहर लाने के लिए कदम उठाना चाहिए।

इसके साथ ही आरबीआइ ने सरकार की तरफ से दिए जाने वाले वित्तीय मदद पर नजर जमाये बैंकों को भी यह संकेत दे दिया है कि प्रदर्शन के आधार पर ही पूंजी आधार बनाने के लिए पूंजी दी जाएगी। अगर बैंक यह समझ रहे हैं कि वे अपने संचालन को सुधार बगैर ही केंद्र से राशि हासिल कर सकते हैं तो यह उनकी गलतफहमी है।

मौद्रिक नीति की समीक्षा करने के बाद पटेल और उनके अन्य वरिष्ठ साथियों ने दोटूक कह दिया है कि सरकार की तरफ से हाल ही में 2.1 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय मदद का जो पैकेज दिया गया है वह एक तरह से अंतिम मदद हो सकती है।

गवर्नर पटेल के मुताबिक, 'सरकार का फैसला सिर्फ पूंजीकरण के लिए मदद देने से जुड़ी हुई नहीं है बल्कि यह सुधार से जुड़ी हुई है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस राशि का इस्तेमाल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मजबूत करने के लिए किया जाए।' उनका इशारा पिछले एक दशक से लगातार सरकारी बैंकों को दी जाने वाली वित्तीय मदद की तरफ था।

कैसे बनता है एनपीए-

सरकार जब मदद देती है तो बैंकों का पूंजी आधार मजबूत हो जाता है और वे ज्यादा कर्ज देना शुरू कर देते हैं। लेकिन बाद में इस कर्ज का एक बड़ा हिस्सा फंसे कर्जे (एनपीए) में तब्दील हो जाता है। इसके बाद फिर से सरकार से अतिरिक्त फंड के लिए गुहार लगाने लगते हैं।

सनद रहे कि पिछले चार-पांच महीने में देश के तीन बड़े निजी बैंकों की तरफ से फंसे कर्जे के तौर पर भारी भरकम राशि का खुलासा हुआ है। ये खुलासे केंद्रीय बैंक की तरफ से नए नियम लाने के बाद किये गये हैं। यस बैंक की तरफ से बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में उसने 11 हजार करोड़ रुपये के एनपीए का खुलासा नहीं किया था।

एक्सिस बैंक ने 14 हजार करोड़ रुपये तो आइसीआइसीआइ बैंक ने 5,000 करोड़ रुपये के फंसे कर्जे का खुलासा किया है। आरबीआइ के नए नियम के बाद बैंकों के लिए एनपीए छिपाना मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि आज आरबीआइ ने बैंकों को फिर आगाह किया है कि वे फंसे कर्ज को छिपाकर नहीं रखें।

"सरकार की ओर से बैंकों को पूंजी तभी मिलेगी जब वे अपने प्रदर्शन में सुधार दिखाएंगे। उनके लिए यह आखिरी मदद हो सकती है।"

-उर्जित पटेल, भारतीय रिजर्व बैंक

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