विनिवेश पर अगले सप्ताह हो सकता है बड़ा फैसलाUpdated: Sun, 13 Aug 2017 08:49 AM (IST)

विनिवेश के अगले दौर में करीब दो दर्जन पीएसयू यानी उपक्रमों के नामों को अगले सप्ताह मंजूरी मिल सकती है।

दो दर्जन सार्वजनिक उपक्रमों के नामों पर लग सकती है मुहर।

कुछ बड़े पीएसयू के नाम शामिल होने की संभावना।

नीति आयोग ने तैयार की विनिवेश पर दूसरी रिपोर्ट।

नितिन प्रधान, नई दिल्ली। विनिवेश के अगले दौर में करीब दो दर्जन पीएसयू यानी उपक्रमों के नामों को अगले सप्ताह मंजूरी मिल सकती है। विनिवेश पर नीति आयोग की दूसरी रिपोर्ट पर विचार के लिए अगले सप्ताह अंतर मंत्रालयी समिति की बैठक होने की संभावना है। स्वतंत्रता दिवस के बाद होने वाली इस बैठक में इस सूची को मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया के नेतृत्व में तैयार हुई इस रिपोर्ट में कुछ बड़े सार्वजनिक उपक्रमों के नाम शामिल होने की संभावना है। सूत्र बताते हैं कि आयोग इस सूची के जरिये कुछ उपक्रमों को पूरी तरह बंद करने की सिफारिश भी कर सकता है। अंतर मंत्रालयी समिति की अध्यक्षता अरविंद पनगढ़िया के पास है जबकि नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, सदस्य विवेक देबरॉय, विनिवेश सचिव नीरज गुप्ता इसके सदस्य हैं। इनके अलावा जिन सार्वजनिक उपक्रमों का नाम इसकी सूची में शामिल हैं, उनसे संबंधित मंत्रालय के सचिव भी बैठक में भाग लेंगे। बताया जा रहा है कि बैठक अगले सप्ताह स्वतंत्रता दिवस के बाद किसी दिन हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक दरअसल पनगढ़िया चाहते हैं कि नीति आयोग से उनके जाने से पहले इस रिपोर्ट पर अंतिम मुहर लग जाए। इससे पहले भी अरविंद पनगढ़िया ने विनिवेश को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसके तहत 20 पीएसयू के विनिवेश की सिफारिश की गई थी। इनमें कुछ कंपनियों की रणनीति बिक्री की सिफारिश भी शामिल हैं। एयर इंडिया भी इन्हीं कंपनियों में से एक है।

इसके अतिरिक्त अरविंद पनगढ़िया बुरी तरह से घाटे में चल रहे कई सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की सिफारिश भी कर चुके हैं। दरअसल नीति आयोग के गठन के बाद प्रधानमंत्री ने पनगढ़िया को सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करने की जिम्मेदारी दी थी। इसके तहत ही पनगढ़िया ने सार्वजनिक उपक्रमों में विनिवेश की सूची तैयार करने का काम शुरू किया।

गौरतलब है कि अरविंद पनगढ़िया ने पहली अगस्त को नीति आयोग के वाइस चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया है। वह 31 अगस्त तक इस पद पर रहेंगे। इसलिए आजकल वे अपने लंबित काम को निपटाने पर जोर दे रहे हैं। उनकी कोशिश है कि जाने के पूर्व वह विनिवेश को लेकर अपनी ताजा रिपोर्ट को भी फाइनल कर प्रधानमंत्री को सौंप दें। ताजा रिपोर्ट पर आयोग की आंतरिक समिति में चर्चा हो चुकी है और इसे फाइनल किया जा चुका है। लेकिन अभी अंतर मंत्रालयी समिति में इस पर चर्चा होना बाकी है। अगले सप्ताह बुलाई गई बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।

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