जीएसटीः रिटर्न फाइल नहीं की तो रोजाना 100 रुपए जुर्मानाUpdated: Fri, 23 Jun 2017 08:21 AM (IST)

केवल एक महीने रिटर्न फाइल न करने के चलते जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं होगा।

सीए मनोज पी. गुप्ता।

रामकिशन राठी किराने का कारोबार करते हैं। इंदौर जिले के देपालपुर तहसील में उनकी पुश्तैनी दुकान है। वे जीएसटी की कंपोजिशन स्कीम अपनाना चाहते हैं। खुले अनाज, बिना मार्का के आटा, मैदा और बेसन जैसी कर-मुक्त वस्तुओं की उनकी सालाना बिक्री लगभग 25 लाख रुपए की है। शेष कर-योग्य किराना वस्तुओं की सालाना बिक्री करीब 60 लाख रुपए की होती है। इस तरह राठी की कुल बिक्री 85 लाख रुपए की बैठती है, लेकिन कर-योग्य वस्तुओं की बिक्री केवल 60 लाख रुपए है। कंपोजिशन स्कीम में बिक्री की अधिकतम सीमा 75 लाख रुपए है। ऐसे हालात में कुछ सवाल उठते हैं। मसलन:

- क्या राठी कंपोजिशन स्कीम अपना सकते हैं?

- यदि रिटर्न फाइल करने में देरी हो जाए तो कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?

- यदि किसी कारणवश वे रिटर्न नहीं फाइल कर पाए तो क्या रजिस्ट्रशन रद्द हो जाएगा?

कंपोजिशन स्कीम अपनाने के लिए सालाना बिक्री की अधिकतम सीमा 75 लाख रुपए तो है, लेकिन इसकी गणना के लिए कर-मुक्त बिक्री और करयोग्य बिक्री, दोनों को जोड़ा जाएगा।

राठी की कर-मुक्त बिक्री 25 लाख रुपए की और कर-योग्य बिक्री 60 लाख रुपए की है। इस तरह कुल बिक्री 85 लाख रुपए की है, जो कंपोजिशन स्कीम की निर्धारित सीमा 75 लाख रुपए से ज्यादा है। इसलिए वे जीएसटी की कंपोजिशन स्कीम का लाभ नहीं ले पाएंगे। यदि कोई व्यापारी अपना रिटर्न समय पर फाइल नहीं कर पाता है, तो उसे रोजाना 100 के हिसाब से लेट-फीस जमा करानी होगी। यह फीस अधिकतम 5 हजार रुपए हो सकती है। फीस हर रिटर्न की अलग-अलग होगी। इसका मतलब यह हुआ कि जीएसटीआर-1 (बिक्री की जानकारी), जीएसटीआर-2 (खरीद की जानकारी), जीएसटीआर-3 (मासिक रिटर्न, ये सारे रिटर्न यदि लेट फाइल किए जाते हैं तो सभी पर अलग-अलग रोजाना 100 रुपए लेट फीस जमा करानी होगी। इस तरह यदि किसी महीने ये तीनों रिटर्न फाइल नहीं किए जा सकें तो कुल मिलाकर 15 हजार रुपए की पेनल्टी लग जाएगी। इसलिए सारे रिटर्न समय पर फाइल हों, इस बात को लेकर सावधान रहना होगा।

केवल एक महीने रिटर्न फाइल न करने के चलते जीएसटी का रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं होगा। लेकिन, यदि कोई व्यापारी लगातार 6 महीने तक रिटर्न फाइल न करे या फिर ऐसे व्यापारी, जिन्होंने कंपोजिशन स्कीम अपनाई हो, वे लगातार तीन त्रैमासिक रिटर्न फाइल न करें तो उनका रजिस्ट्रेशन कैंसिल किया जा सकता है। लेकिन रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने से पहले जीएसटी अधिकारी संबंधित व्यापारी को अपनी बात करने का मौका जरूर देंगे और किसी भी प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर ही रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने का निर्णय लेंगे।

तैयारी के लिए 8 दिन शेष

जीएसटी एक्ट में केवल 10 हजार रुपए प्रति माह ही नकद या चेक से टैक्स जमा कराया जा सकेगा। इससे ज्यादा की टैक्स की रकम केवल ऑनलाइन बैंकिंग मोड से जमा करानी होगी। इसलिए व्यापारी अपने बैंकों से ऑनलाइन बैंकिंग का पासवर्ड लेकर उसे एक्टिवेट कर लें।

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