जीएसटीः माल बेचा वैट में, वापस आया जीएसटी एक्ट में, क्या करें?Updated: Thu, 29 Jun 2017 12:00 PM (IST)

यदि ग्राहक जीएसटी एक्ट में रजिस्टर्ड नहीं है तो सेल्स रिटर्न पर पूर्व में जमा कराए गए टैक्स का रिफंड क्लेम करना पड़ेगा।

मनोज पी. गुप्ता, सीए।

सवाल: मेरी चश्मों की दुकान है। जीएसटी में चश्मों के लेंस पर टैक्स की दर 12 फीसदी है और फ्रेम पर 18 फीसदी। क्या मैं बिल बनाते समय लेंस पर 12 फीसदी और फ्रेम पर 18 फीसदी टैक्स जोड़ सकता हूं।

जवाब: जब आप ग्राहक को चश्मा बेचेंगे तो लेंस की सप्लाई और फ्रेम की सप्लाई स्वभाविक रूप से जुड़ी हुई होंगी। इसे कंपोजिट सप्लाई माना जाएगा। ऐसी स्थिति में लेंस और फ्रेम, जिस पर भी टैक्स की दर ज्यादा होगी, उसी के हिसाब से टैक्स लगाया जाएगा। इसलिए चश्मे की बिक्री के वक्त 18 फीसदी टैक्स लगाना होगा।

सवाल: मैं थोक दवा व्यापारी हूं। जीएसटी एक्ट के तहत बिल के संबंध में मेरे कुछ सवाल हैं: क्या मेरी ओर से जारी सभी बिलों को स्कैन करके रिटर्न फाइल करना होगा? मेरे ग्राहक रिटेल बिजनेस में हैं। अब तक उनमें से कई ने अपना जीएसटीआईएन नंबर नहीं दिया है। क्या 1 जुलाई से मैं ऐसे ग्राहकों को माल बेच पाऊंगा? साल के अंत में कई बार कुछ स्टॉक शॉर्ट हो जाता है। ऐसी शॉर्टेज का क्या होगा?

जवाब: आपको अपनी ओर से जारी किए गए सभी बिलों की डिटेल रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-1 में देनी होगी। बिलों का स्कैन जरूरी नहीं है। जिन रिटेलरों ने अब तक जीएसटीआइएन नंबर नहीं दिया है, उन्हें 1 जुलाई के बाद भी माल बेचना जारी रख सकते हैं। लेकिन, आपके जीएसटीआर-1 रिटर्न भरने तक भी यदि ग्राहक अपना जीएसटीआईएन नंबर न दें तो फिर उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट मिलने में परेशानी होगी। ऐसे में उन्हें नुकसान हो सकता है। साल के अंत में जितना स्टॉक शॉर्ट रहेगा, उस अनुपात में इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्स करनी होगी।

सवाल: मैं रेडिमेड गारमेंट के बिजनेस में हूं। मैंने अभी कंपोजीशन स्कीम नहीं ली है, लेकिन यह स्कीम लेना चाहता हूं। मान लीजिए कि 30 जून, 2017 को मेरे पास 10 हजार रुपए का इनपुट टैक्स रिबेट है तो क्या यह जीएसटी में कंपोजिशन टैक्स से एडजस्ट हो सकेगी?

जवाब: यदि आप जीएसटी एक्ट में 1 जुलाई से कंपोजिशन स्कीम अपनाना चाहते हैं तो 30 जून तक के शेष इनपुट टैक्स रिबेट कैरी फारवर्ड नहीं होगी।

सवाल: मैं इलेक्ट्रिक पंप और केबल के बिजनेस में हूं। मान लीजिए कि जून, 2017 में मैंने ग्राहक को माल बेचा और उस पर वैट जमा करके रिटर्न फाइल कर दिया। यदि मेरा ग्राहक जुलाई में, जब वैट जगह जीएसटी लागू होगा, बेचा हुआ माल वापस करता है तो ऐसे में मैंने जो वैट जमा कराया है, उसका क्या होगा?

जवाब: यदि आपने वैट एक्ट के तहत यानी 30 जून जक माल बेचा और वह जीएसटी एक्ट लागू होने के बाद वापस आता है तो उसका ट्रीटमेंट ऐसे होगा:

यदि ग्राहक जीएसटी में रजिस्टर्ड है तो वह आपको माल वापस करने पर इसे सप्लाई मानते हुए बिल जारी करेगा और टैक्स चुकाएगा। इस टैक्स की इनपुट क्रेडिट आपको मिल जाएगी।

यदि ग्राहक जीएसटी एक्ट में रजिस्टर्ड नहीं है तो फिर वापस किए गए माल यानी सेल्स रिटर्न पर पूर्व में जमा कराए गए टैक्स का रिफंड क्लेम करना पड़ेगा।

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