GST: शिक्षा और स्वास्थ्य कर मुक्त, बीमा और फोन बिल होगा महंगाUpdated: Fri, 19 May 2017 02:26 PM (IST)

जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार को 4 टैक्स दरों पर अपनी सहमति जता दी है और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं को बाहर रखा गया है।

श्रीनगर। एक जुलाई 2017 से प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद फोन पर बात करना महंगा हो जाएगा। जीएसटी काउंसिल ने सेवाओं के लिए जीएसटी की चार अलग-अलग दरें तय करते हुए दूरसंचार सेवाओं पर जीएसटी की स्टैंडर्ड दर 18 प्रतिशत लागू करने का फैसला किया है। जीएसटी में यह दरें 5, 12, 18 और 28 फीसदी के स्लैब में होंगी। अभी सेवाओं पर 15 फीसदी टैक्स लगता है।

इसके अलावा सर्विस में उपयोग किए सामान का व्यापारियों को इनपुट क्रेडिट भी मिलेगा। शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगेगा और छूट मिलती रहेगी। मध्यम वर्ग को ध्यान में रखते हुए इकोनॉमी क्लास की हवाई यात्रा और परिवहन सेवाओं पर दर पांच प्रतिशत रखने का फैसला किया गया है। सेवा दरें तय करते हुए यह ध्यान रखा गया है कि इससे महंगाई न बढ़े।

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल ने सेवाओं के लिए जीएसटी की दरों को उसी आधार पर तय किया है जिस तरह वस्तुओं के लिए दरों को तय किया गया है। अधिकतर सेवाओं को 12 और 18 फीसदी के स्लैब में रखा गया है। मनोरंजन कर का सेवा कर में विलय कर दिया गया है।

मुख्य बातें

- रेलवे की गैर-एसी यात्रा पर जीएसटी नहीं लगेगा जबकि एसी यात्रा पर पांच प्रतिशत की दर से टैक्स लिया जाएगा।

- इकॉनामी श्रेणी की हवाई सेवा पर जीएसटी पांच प्रतिशत जबकि बिजनेस श्रेणी की सेवा पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।

- ऐप आधारित ओला और उबर कंपनियों की सेवाओं पर 5 फीसदी की दर रहेगी। फिलहाल इन पर छह प्रतिशत की दर से सेवा कर लगता है।

- 50 लाख तक के सालाना कारोबार वाले रेस्तरां में खाना खाने पर पांच प्रतिशत, नॉन एसी रेस्तरां में 12 प्रतिशत, शराब परोसने वाले एसी रेस्तरां में 18 प्रतिशत और फाइव स्टार होटलों के रेस्तरां पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगेगा।

- फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी कंपनियों को आपूर्तिकर्ता को पेमेंट करते समय एक प्रतिशत टैक्स काटकर सरकार के खजाने में जमा करना होगा।

- अखबारों में विज्ञापन सेवा पर पांच फीसदी टैक्स लगेगा।

सोने, बीड़ी-सिगरेट, फुटवियर पर फैसला 3 जून को संभव

बैठक में सोने, बायो डीजल, बीड़ी, सिगरेट, फुटवियर, टेक्सटाइल्स पर कोई फैसला नहीं हुआ। इनकी दर 3 जून को नई दिल्ली में होने वाली बैठक में तय होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी में सर्विस पर भी इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा मिलेगा। इस कारण टैक्स स्लैब में जो टैक्स हैं प्रभावी दर उससे कम होगी।

किस पर लगेगा कितना टैक्स

- जीएसटी में सर्विस टैक्स के भी 5, 12, 18 और 28 फीसदी के चार स्लैब

- टेलीकॉम सेवाओं पर लगेगा 18 फीसदी टैक्स- सर्विस पर इनपुट क्रेडिट भी मिलेगा

सेवाओं पर टैक्स रेट कर मुक्त

- शिक्षा, स्वास्थ्य, मेट्रो, लोकल ट्रेन, हज सहित धार्मिक यात्रा, 1000 रुपए दैनिक किराए वाले होटल या लॉज के रूम

5 प्रतिशत

- यातायात सेवाएं, एसी यात्रा, इकोनॉमी हवाई सेवा, ओला-उबेर जैसी टैक्सी सेवा, सामान भेजना, 50 लाख तक के टर्नओवर वाले रेस्तरां सस्ते होंगे

12 प्रतिशत

- बिजनेस श्रेणी हवाई सेवा, एसी रहित रेस्तरां, 1000 से 2500 रुपए दैनिक किराए वाले होटल रूम सस्ते होंगे।

18 प्रतिशत

- दूरसंचार सेवाएं जैसे फोन बिल, वित्तीय सेवाएं, शराब परोसने वाले रेस्तरां, 2500 से 5000 रुपए किराए वाले होटल महंगे होंगे

28 प्रतिशत

- फाइव स्टार होटलों के रेस्तरां में खाना, जुआं और सट्टा, 5000 रुपए से अधिक किराए वाले होटल महंगे होंगे। सिनेमा सेवाएं सस्ती हो सकती हैं फिलहाल सिनेमा सेवाओं पर कुल 40 से 50 प्रतिशत टैक्स लगता है। हालांकि राज्य स्थानीय निकायों के लिए राशि जुटाने को स्थानीय मनोरंजन कर लगा सकेंगे।

एक्सपर्ट व्यू

हाल ही में बैंकों ने सर्विस चार्ज में बढ़ोतरी की है। इसके बाद बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं पर 18 फीसदी जीएसटी लगने से ग्राहकों पर महंगाई की मार बढ़ेगी। केबल उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा होगा क्योंकि अभी केबल पर सभी टैक्स मिलाकर 35 फीसदी टैक्स होता है। जीएसटी में ये घटकर 18 फीसदी हो जाएगा। -अविनाश खंडेलवाल, सीए, इंदौर

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