कारोबारी सुगमता में देश को शीर्ष पचास में पहुंचाएंगे 200 सुधार : DIPPUpdated: Wed, 01 Nov 2017 11:23 PM (IST)

कारोबारी सुगमता में भारत के शीर्ष 100 में पहुंचने से उत्साहित मोदी सरकार अब टॉप-50 का मुकाम हासिल करने की तैयारियों में जुट गई है।

मुंबई। कारोबारी सुगमता में भारत के शीर्ष 100 में पहुंचने से उत्साहित मोदी सरकार अब टॉप-50 का मुकाम हासिल करने की तैयारियों में जुट गई है। केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था में 200 से अधिक सुधारों के जरिये इस लक्ष्य को हासिल करेगी।

औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआइपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने बुधवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक के सहयोग से इन सुधारों की पहचान की गई है। बीते दिन विश्व बैंक की ओर से जारी ईज ऑफ डूइिंग बिजनेस की रैंकिंग में देश ने 30 पायदान की ऐतिहासिक छलांग लगाई है।

अभिषेक यहां प्रमुख उद्योग चैंबर सीआइआइ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कारोबार को आसान बनाने के लिए 122 सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं। इनमें दिवालियापन से जुड़ा बैंक्रप्सी व इन्सॉल्वेंसी कानून, लाइसेंसिंग, कर प्रणाली में सुधार और निवेशकों को सुरक्षा मुहैया कराना जैसे कदम शामिल हैं। इस साल भी 90 और सुधारों का क्रियान्वयन किया जाएगा।

ये वे सुधार होंगे जिनके जरिये अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार लाया जा सकता है। इसके लिए सरकार विश्व बैंक के साथ मिलकर काम कर रही है। अभिषेक ने कहा कि अगले साल की रैंकिग को तय करने में जीएसएटी अहम रोल अदा करेगी। विश्व बैंक ने इस साल जीएसएटी को भारत में हुए कारगर सुधारों में शामिल किया है। अगले साल तक इसकी वजह से भारत की रैंकिग में और सुधार होगा।

कई बैंकरों ने भी जीएसटी को रैंकिंग की सीढ़ी में ऊपर जाने का जरिया बताया है। रमेश के मुताबिक सरकार भारत में निवेश के माहौल और बेहतर बनाने का काम कर रही है। इस दौरान डीआइपीपी सचिव ने राज्यों से अपील कि कि वे अपर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर और सख्त श्रम नीतियों जैसे मुद्दों का समधान करें ताकि वे खुद को प्रतिस्पर्धी बना सकें।

बीते दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 50वें स्थान पर पहुंचने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा था कि इसे हासिल करना संभव है। मोदी सरकार ने तीन साल में असाधारण गति से सुधार किए हैं। इसी का नतीजा है कि भारत की रैंकिंग में 30 अंक का सुधार आया है।

निवेश के लिए कारोबारी सुगमता जरूरी-

आर्थिक मामलों के पूर्व सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार लाना बेहद जरूरी है। इससे निजी निवेश, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा। दास के मुताबिक देश की रैंकिंग और बेहतर करने के लिए आर्थिक सुधार जारी हैं।

पूर्व वित्त सचिव अशोक लवासा ने अपने ट्वीट में कहा कि शीर्ष 100 की रैंकिंग केंद्र और राज्यों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। वह बीते दिन ही पद से रिटायर हुए हैं। दास और लवासा दोनों ही ऐसे सचिव रहे, जिनके कार्यकाल में अधिकांश आर्थिक सुधारों को अंजाम दिया गया।

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