जीएसटी पोर्टल व्यापारियों के लिए बना सिरदर्द का सबबUpdated: Fri, 08 Sep 2017 09:27 PM (IST)

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जीएसटीएन पोर्टल में रिटर्न फाइल करना व्यापारियों के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है।

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जीएसटीएन पोर्टल में रिटर्न फाइल करना व्यापारियों के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। पोर्टल फाइलिंग का दबाव नहीं झेल पा रहा है। हाल यह है कि व्यापारी समय पर रिटर्न अपलोड नहीं कर पा रहे हैं।

जीएसटीएन के पोर्टल पर अभी तक नियमित पंजीकरण रद्द कराने की सुविधा भी शुरू नहीं हुई है जिसके चलते 20 लाख रुपये वार्षिक से कम कारोबार वाले व्यापारियों को परेशानी हो रही है। नियम के मुताबिक ये व्यापारी जीएसटी के दायरे से बाहर रहने चाहिए। वहीं कारोबारियों को उनकी आपूर्ति का ब्यौरा यानी फार्म जीएसटीआर-1 अपलोड करने में भी दो-से तीन दिन तक का वक्त लग रहा है।

जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) के सीईओ प्रकाश कुमार भी स्वीकार करते हैं कि शुक्रवार को पोर्टल एक से डेढ़ घंटे तक तकनीकी कारणों से प्रभावित रहा और उस दौरान करदाताओं यानी व्यापारियों को रिटर्न फाइल करने में दिक्कतें आयी। उन्होंने कहा कि पहले भी एक दिन ऐसा हो चुका है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि अब जीएसटीएन पोर्टल सुचारु ढंग से काम कर रहा है।

दूसरी ओर कारोबारियों से मिल रही सूचनाओं के मुताबिक जमीनी हकीकत कुछ और है। सीए फर्म आर. मारवाह एंड कंपनी के नितिश शर्मा कहते हैं कि जीएसटीआर-1 तैयार करने में मात्र तीन से चार घंटे लगते हैं जबकि उसको अपलोड करने में दो से तीन दिन का समय लग रहा है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि जीएसटीएन पोर्टल में लोड सहने की क्षमता नहीं है।

जीएसटी पोर्टल पर एक समय में सिर्फ 80,000 करदाता ही काम कर सकते हैं जबकि यूजर्स की संख्या 80 लाख से अधिक है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के आईटी तंत्र को दुरुस्त करना पड़ेगा। जीएसटी में 80 लाख से अधिक करदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 10 लाख नए असेसी अगस्त में जुड़े हैं, इसलिए उन्हें रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।

करीब 10 लाख असेसी कंपोजीशन स्कीम का विकल्प ले चुके हैं, इसलिए उन्हें भी जीएसटी का रिटर्न भरने की जरूरत नहीं है। इस तरह कुल 60 लाख असेसी ऐसे हैं जिन्हें रिटर्न भरने हैं। इसके बावजूद जीएसटीएन पोर्टल सुचारु ढंग से काम नहीं कर पा रहा है।

कुमार के अनुसार अब तक सिर्फ 27 से 28 प्रतिशत असेसी अपना जीएसटीआर-1 दाखिल कर पाए हैं। ये तथ्य इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जुलाई के लिए जीएसटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तिथि समाप्त होने में अब मात्र दो दिन बचे हैं। सरकार अगर जीएसटीआर-1 दाखिल करने की अंतिम तारीख नहीं बढ़ाती है तो कारोबारियों को परेशानी हो सकती है।

कारोबारियों की दूसरी समस्या जीएसटीएन पोर्टल पर फार्म जीएसटीआर-6 उपलब्ध न होना है। यह फार्म इनपुट सेवाओं के वितरण से संबंधित है। शर्मा का कहना है कि इस फार्म को जमा करने की अंतिम तिथि 8 सितंबर है लेकिन अब तक यह वेवसाइट पर उपलब्ध नहीं है।

पांडे जीएसटीएन के अंतरिम चेयरमैन नियुक्त

नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के सीईओ ए. बी. पांडे को जीएसटी नेटवर्क का अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। उन्हें जीएसटी पोर्टल संभालने वाले जीएसटीएन का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जीएसटीएन के चेयरमैन नवीन कुमार का कार्यकाल 29 अगस्त को पूरा हो गया था। नई नियुक्ति के संबंध में राजस्व विभाग ने एक आदेश जारी किया है।

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