2016 तक चार फीसद पर आ जाएगा फंसे कर्जों का स्तरUpdated: Mon, 29 Dec 2014 11:12 PM (IST)

बैंकों के फंसे कर्ज (एनपीए) का स्तर मार्च, 2016 तक घटकर चार फीसद पर आ जाएगा।

मुंबई। बैंकों के फंसे कर्ज (एनपीए) का स्तर मार्च, 2016 तक घटकर चार फीसद पर आ जाएगा। वृहद आर्थिक संकेतकों में सुधार के चलते यह गिरावट आएगी।

खुदरा महंगाई की दर भी अगले साल छह फीसद के आसपास स्थिर हो जाने की उम्मीद है। सोमवार को रिजर्व बैंक की ओर से जारी वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में ये बातें कहीं गईं।

रिपोर्ट कहती है कि अगले वित्त वर्ष में व्यापक आर्थिक परिदृश्य में सुधार आएगा। मार्च, 2016 तक अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के सकल एनपीए घटकर चार फीसद पर आ जाएंगे। सितंबर, 2014 के अंत तक ये 4.5 फीसद के स्तर पर थे।

रिपोर्ट में चेताया गया है कि यदि व्यापक आर्थिक स्थितियां और खराब होती हैं, तो अत्यंत दबाव की स्थिति में बैंकों के एनपीए मार्च, 2016 तक बढ़कर 6.3 फीसद पर पहुंच जाएंगे।

रिजर्व बैंक ने निवेशकों के विश्वास बहाली के लिए ढांचागत सुधारों की वकालत की है। उसने कहा है कि महंगाई में गिरावट और राजनीतिक स्थिरता ने व्यापक आर्थिक कमजोरियों को दूर करने में मदद की है। उसे उम्मीद है कि 2015 में खुदरा महंगाई की दर छह फीसद के आसपास स्थिर हो जाएगी।

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